Bihar: राज्य में डिजिटल आर्थिक जनगणना का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में मकानों की गिनती और सूचीकरण का काम किया जा रहा है। इस दौड़ में भागलपुर जिला पूरे बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन इस काम को सम
Bihar: राज्य में डिजिटल आर्थिक जनगणना का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में मकानों की गिनती और सूचीकरण का काम किया जा रहा है। इस दौड़ में भागलपुर जिला पूरे बिहार में पहले स्थान पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन इस काम को समय पर और सही तरीके से पूरा करने में जुटा है।
भागलपुर के किन प्रखंडों ने किया शानदार प्रदर्शन
जिला अधिकारी Dr. Naval Kishore Chaudhary ने 15 मई 2026 को हुई बैठक में प्रगति की समीक्षा की। आंकड़ों के मुताबिक भागलपुर जिले की कुल उपलब्धि 52.64% रही है। प्रखंडों की स्थिति इस प्रकार है:
- नवगछिया: 100% काम पूरा कर पहले नंबर पर रहा।
- इस्माईलपुर: यहाँ 95% काम पूरा हो चुका है।
- पीरपैंती: यहाँ 81% उपलब्धि दर्ज की गई है।
- नाथनगर: यहाँ 73% काम पूरा हुआ है।
जनगणना की प्रक्रिया और सुरक्षा के नियम क्या हैं
यह जनगणना 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक डिजिटल माध्यम से की जा रही है। नागरिकों के लिए 17 अप्रैल से 1 मई तक ऑनलाइन जानकारी भरने यानी Self-Enumeration की सुविधा भी थी। प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड है ताकि लोगों की निजी जानकारी सुरक्षित रहे।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जनगणना को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया है और इसे सफल बनाने की अपील की है। भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में जिन प्रगणकों ने काम में ढिलाई बरती है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है और उन पर कार्रवाई की जा रही है। पटना समेत अन्य जिलों में भी पारदर्शिता और सटीकता पर जोर दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल आर्थिक जनगणना का पहला चरण कब तक चलेगा
बिहार में मकान सूचीकरण और आवासों की गणना का पहला चरण 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
क्या जनगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित है
हाँ, जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किया गया डेटा गोपनीय है और डिजिटल टूल्स में डेटा एन्क्रिप्टेड है, जिससे व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहती है।