Bihar: बिहार सरकार ने खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब राज्य के युवाओं को ‘डिजिटल कृषि योद्धा’ बनाया जाएगा, जो गांव-गांव जाकर किसानों को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना सिखाएंगे। इन युव
Bihar: बिहार सरकार ने खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब राज्य के युवाओं को ‘डिजिटल कृषि योद्धा’ बनाया जाएगा, जो गांव-गांव जाकर किसानों को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना सिखाएंगे। इन युवाओं का मुख्य काम किसानों को ‘बिहार कृषि ऐप’ से जोड़ना और उन्हें खेती के नए तरीके बताना होगा ताकि उनकी कमाई बढ़ सके।
डिजिटल कृषि योद्धा कौन होंगे और क्या होगा इनका काम
सरकार पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसानों के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन युवाओं को बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा के रूप में पहचान मिलेगी। ये योद्धा किसानों को बिहार कृषि ऐप चलाने में मदद करेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाएंगे। जो योद्धा सबसे ज्यादा किसानों को ऐप से जोड़ेंगे और अच्छा काम करेंगे, उन्हें कृषि विभाग की तरफ से इनाम और सम्मान भी दिया जाएगा।
बिहार कृषि ऐप में क्या खास सुविधाएं मिलेंगी
बिहार कृषि ऐप अब केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका जैसी स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा। ऐप में खेती की शब्दावली को आसान बनाया गया है ताकि आम किसान इसे आसानी से समझ सकें। इसमें रबी और खरीफ फसलों की वैज्ञानिक जानकारी और सरकारी योजनाओं का ब्यौरा शामिल किया गया है।
- उर्वरक की उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी
- बाजार मूल्य और मौसम की चेतावनी
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पौधा संरक्षण सलाह
- AI-आधारित चैटबॉट और बिहार कृषि रेडियो
- सरकारी योजनाओं के लिए सिंगल विंडो इंटरफेस
सरकार का लक्ष्य और भविष्य की योजना
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 15 मई 2026 को पटना के कृषि भवन में इस पूरी योजना की समीक्षा की। सरकार का लक्ष्य साल 2026 के अंत तक कुल 80 लाख किसानों को इस ऐप से जोड़ना है। फिलहाल करीब 11.50 लाख किसान इस पर रजिस्टर्ड हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि कार्यालयों में पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगे और बामेती (BAMETI) के जरिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल कृषि योद्धा बनने के लिए क्या करना होगा
बिहार सरकार द्वारा पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लेना होगा। प्रशिक्षित युवाओं को डिजिटल कृषि योद्धा के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
बिहार कृषि ऐप में कौन सी भाषाएं उपलब्ध हैं
यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ बिहार की क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका में भी उपलब्ध होगा।