Bihar : राज्य में पुलिस एनकाउंटर और जाति को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग अब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गई है। बिहार के DGP Vinay Kumar ने साफ कहा है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून सबके लिए बराबर है। यह बयान
Bihar : राज्य में पुलिस एनकाउंटर और जाति को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग अब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गई है। बिहार के DGP Vinay Kumar ने साफ कहा है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून सबके लिए बराबर है। यह बयान मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के उस तंज के बाद आया है जिसने राज्य में एक नई बहस छेड़ दी थी।
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने ऐसा क्या कहा था?
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने गुरुवार को गया में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष के आरोपों पर तंज कसा था। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को एनकाउंटर के दौरान गोली चलाने से पहले अपराधी की जाति पूछ लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि उनकी सरकार अपराधियों को बख्शने वाली नहीं है और पुलिस को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सुशासन बना रहे।
DGP और पुलिस प्रशासन का इस पर क्या कहना है?
शनिवार को DGP Vinay Kumar ने स्पष्ट किया कि अपराधी सिर्फ एक अपराधी होता है और उसका जाति से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले शुक्रवार को ADG (लॉ एंड ऑर्डर) Sudhanshu Kumar ने भी जाति आधारित टारगेट के आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराधी किसी जाति के नहीं होते और कार्रवाई सिर्फ कानून के मुताबिक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मरक्षा में पुलिस जवाबी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच क्यों छिड़ी है जंग?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने आरोप लगाया कि बिहार में ‘जाति आधारित एनकाउंटर’ हो रहे हैं और खास समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस मुद्दे पर Congress और Samajwadi Party ने भी मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना की। वहीं, NDA के नेताओं और BJP प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उनका कोई धर्म या जाति नहीं होती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार DGP ने जाति और अपराध पर क्या बयान दिया?
DGP Vinay Kumar ने कहा कि अपराधी एक अपराधी होता है और उसका जाति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि पुलिस की कार्रवाई में सामाजिक पहचान का कोई रोल नहीं होता।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विवादित बयान क्या था?
मुख्यमंत्री ने गया में तंज कसते हुए कहा था कि पुलिस को एनकाउंटर में गोली चलाने से पहले अपराधी की जाति पूछ लेनी चाहिए, जो विपक्ष को नागवार गुजरा।