Bihar: पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बुजुर्ग पिता को पैरों में लोहे की जंजीरें और ताले बांधकर लाया गया। Jamui जिले के रहने वाले इस बुजुर्ग की हालत देखकर स्टेशन पर मौजूद ल
Bihar: पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बुजुर्ग पिता को पैरों में लोहे की जंजीरें और ताले बांधकर लाया गया। Jamui जिले के रहने वाले इस बुजुर्ग की हालत देखकर स्टेशन पर मौजूद लोग हैरान रह गए। बेटा अपने पिता को अस्पताल ले जाने के बजाय बाबा बागेश्वर धाम ले जा रहा था।
कौन है यह बुजुर्ग और क्यों बांधे गए ताले
पीड़ित बुजुर्ग का नाम Jitendra Tati है, जो Jamui जिले के खैरा थाना क्षेत्र के अमरी गांव के निवासी हैं। बताया गया कि वह मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। उनके बेटों ने आरोप लगाया कि मानसिक स्थिति खराब होने पर वह हिंसक हो जाते हैं और गाली-गलौज करते हैं। इसी वजह से उन्हें पिछले आठ महीनों से जंजीरों में बांधकर रखा गया था। पहले पैरों में पांच ताले लगे थे, लेकिन अब केवल दो बचे हैं।
इलाज के बजाय बागेश्वर धाम जाने की वजह क्या है
बुजुर्ग के बेटे Abhilash Kumar ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसकी वजह से वे डॉक्टर से इलाज नहीं करा पाए। उन्होंने गांव वालों और रिश्तेदारों से चंदा इकट्ठा किया ताकि पिता को बाबा बागेश्वर धाम ले जाया जा सके। उन्हें उम्मीद है कि वहां जाने से उनके पिता की मानसिक स्थिति में सुधार होगा।
मानसिक स्वास्थ्य और अंधविश्वास पर सवाल
इस घटना ने समाज में मानसिक बीमारियों के प्रति फैली सोच और अंधविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को जंजीरों में बांधना अमानवीय है और मानसिक स्वास्थ्य कानूनों के खिलाफ है। ऐसे मरीजों को जंजीरों की नहीं, बल्कि सही डॉक्टरी इलाज और देखभाल की जरूरत होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुजुर्ग व्यक्ति को जंजीरों में क्यों बांधा गया था
Jamui निवासी Jitendra Tati मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। उनके बेटों का दावा है कि बीमारी के कारण वह हिंसक हो जाते थे, इसलिए उन्हें नियंत्रित करने के लिए पैरों में जंजीरें और ताले बांधे गए थे।
परिवार उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय कहां ले जा रहा था
बेटे Abhilash Kumar ने बताया कि पैसों की कमी के कारण वे इलाज नहीं करा सके, इसलिए वे चंदा इकट्ठा करके उन्हें बाबा बागेश्वर धाम ले जा रहे थे ताकि वहां से उन्हें ठीक किया जा सके।