Bihar में मर्डर और लूट की वारदातों में आई कमी, नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या हुई शून्य

Bihar: बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। गृह विभाग ने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राज्य में हत्या, लूट और दंगों जैसे बड़े अपराधों में कमी आई है। गृह सचिव Pranav Kumar और DGP Vi

Bihar: बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। गृह विभाग ने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राज्य में हत्या, लूट और दंगों जैसे बड़े अपराधों में कमी आई है। गृह सचिव Pranav Kumar और DGP Vinay Kumar ने साझा किया कि पुलिस की मुस्तैदी और सही समय पर मिली खुफिया जानकारी से अपराधों पर लगाम लगी है।

सरकार ने साफ किया कि सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। साल 2025-26 के दौरान सांप्रदायिक घटनाओं में 263 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी गई। साथ ही, अदालती निर्देशों के पालन में तेजी लाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत 96.17% मामलों में FIR दर्ज की गई है।

नक्सलवाद के खिलाफ बिहार स्पेशल टास्क फोर्स की मेहनत रंग लाई है। साल 2013 में जहां राज्य के 22 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं अब यह संख्या शून्य हो गई है। केंद्र सरकार ने औरंगाबाद, गया, जमुई और लखीसराय को ‘लेगेसी और थ्रस्ट’ जिले माना है। राहत की बात यह है कि 31 जुलाई 2026 तक सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कोई मुठभेड़ नहीं हुई है।

साइबर अपराधों से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। 1930 हेल्पलाइन की क्षमता 50 से बढ़ाकर 75 लाइन करने की तैयारी है। साइबर अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए ‘साइबर प्रहार’ अभियान चलाया गया, जिसमें जुलाई तक 153 अपराधी पकड़े गए।

विवरण आंकड़े/जानकारी
मर्डर केस में कमी 10.1%
लूट की घटनाओं में कमी 31.32%
दंगा संबंधी मामलों में कमी 18.97%
साइबर फ्रॉड शिकायतें लगभग 13,600 (मध्य 2026 तक)
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी 522 (इस साल)
नक्सल प्रभावित जिले 22 (2013 में) से घटकर 0
रोके गए साइबर फ्रॉड पैसे 104.05 करोड़ रुपये
वापस किए गए पैसे 9.99 करोड़ रुपये

पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत 27 नए पुलिस स्टेशनों का काम पूरा हो गया है। जमीन विवादों को सुलझाने के लिए ‘भू-समाधान पोर्टल’ शुरू किया गया है ताकि लोग अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से पा सकें। साइबर क्राइम यूनिट ने आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए 2,809 URL और यूजर आईडी पर कार्रवाई की है, जिसमें 738 को पूरी तरह हटा दिया गया।