Bihar में अपराधियों को सजा दिलाने की रफ्तार बढ़ी, DGP बोले- साइबर क्राइम अब सबसे बड़ी चुनौती

Bihar: बिहार पुलिस ने राज्य में अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में बड़ी कामयाबी का दावा किया है। गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य में पारंपरिक अपरा

Bihar: बिहार पुलिस ने राज्य में अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में बड़ी कामयाबी का दावा किया है। गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य में पारंपरिक अपराधों में कमी आई है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज हुई है।

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 64,733 मामलों में कुल 86,760 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है। साल 2025-26 के दौरान हत्या के मामलों में 10.1%, लूटपाट में 31.32% और दंगों की घटनाओं में 18.97% की गिरावट दर्ज की गई। साथ ही, 263 सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई।

डीजीपी विनय कुमार ने साफ किया कि अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साइबर क्राइम है। बिहार के चार जिले—नवादा (दूसरे नंबर पर), नालंदा (चौथे), पटना (सातवें) और शेखपुरा (15वें) भारत के टॉप 15 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में शामिल हैं। पटना में एटीएम और चेक के जरिए धोखाधड़ी के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं।

साइबर क्राइम कार्रवाई
विवरण
ऑपरेशन साइबर प्रहार जुलाई तक 193 साइबर अपराधी गिरफ्तार
म्यूल बैंक अकाउंट 6,251 अकाउंट वेरीफाई, 507 लोग गिरफ्तार
पैसा रिकवरी 16% ठगी की राशि वापस दिलाई गई
मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल 5,642 मामलों में 224.53 लाख रुपये के ऑर्डर
पुलिस स्टेशन सभी जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन चालू

नक्सलवाद पर लगाम लगाने की बात करते हुए बताया गया कि 2013 में जहां 22 जिले प्रभावित थे, अब वह संख्या शून्य हो गई है। हालांकि, औरंगाबाद, गया, जमुई और लखीसराय को अभी भी सुरक्षा के लिहाज से खास निगरानी वाले जिलों में रखा गया है। इस साल 31 जुलाई तक सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच कोई मुठभेड़ नहीं हुई, लेकिन 58 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस प्रशासन ने अब 1 लाख रुपये से ज्यादा की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है ताकि पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।