Bihar: बिहार के जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बिहार ATS ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में छापेमारी की, क्योंकि धमकी भरे ईमेल के तार इसी इलाके से जुड़े मिले थे। इस पूरे ऑपर
Bihar: बिहार के जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बिहार ATS ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में छापेमारी की, क्योंकि धमकी भरे ईमेल के तार इसी इलाके से जुड़े मिले थे। इस पूरे ऑपरेशन में UP ATS और स्थानीय पुलिस ने भी मदद की, ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके।
पीलीभीत में छापेमारी और पूछताछ में क्या निकला सामने
बिहार ATS की टीम ने शुक्रवार रात 22 मई से शनिवार शाम 23 मई 2026 तक पीलीभीत में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान दो लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गई। हालांकि, जांच के बाद उन दोनों की संलिप्तता नहीं पाई गई और उन्हें छोड़ दिया गया। पीलीभीत के SP सुकीर्ति माधव ने पुष्टि की कि ATS टीम पूछताछ के बाद बिना किसी गिरफ्तारी के वापस लौट गई है।
रिटायर्ड अधिकारी की ईमेल आईडी का हुआ इस्तेमाल
जांच में यह बात सामने आई कि धमकी भरे मैसेज भेजने के लिए पीलीभीत के एक रिटायर्ड अधिकारी की पुरानी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया था। उस अधिकारी ने बताया कि यह आईडी कई सालों से बंद पड़ी थी। अधिकारियों को शक है कि कुछ साइबर एक्सपर्ट्स ने इस निष्क्रिय आईडी को दोबारा एक्टिवेट करके ईमेल भेजे ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
धमकियों का सिलसिला और अब की स्थिति
बिहार के अलग-अलग जिला कोर्ट्स को जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के दौरान ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं। फिलहाल बिहार ATS का साइबर सेल उन सभी ईमेल आईडी की बारीकी से जांच कर रहा है जिनसे ये मैसेज भेजे गए थे। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो तकनीक का इस्तेमाल कर इस तरह की साजिश रच रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार कोर्ट बम धमकी मामले में UP के पीलीभीत में छापेमारी क्यों हुई?
धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए जिस ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया था, वह पीलीभीत के एक रिटायर्ड अधिकारी की थी, इसलिए बिहार ATS ने वहां जांच की।
क्या पीलीभीत छापेमारी में कोई गिरफ्तारी हुई है?
नहीं, बिहार और यूपी ATS ने दो लोगों से पूछताछ की, लेकिन उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, इसलिए किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।