Bihar: राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में घर बनाने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बालू, सीमेंट और एल्युमीनियम की कीमतों में अचानक आई तेजी ने निर्माण लागत को काफी बढ़ा दिया है। मानसून आने से पहले बालू की मांग बढ़ने और खनन प
Bihar: राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में घर बनाने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बालू, सीमेंट और एल्युमीनियम की कीमतों में अचानक आई तेजी ने निर्माण लागत को काफी बढ़ा दिया है। मानसून आने से पहले बालू की मांग बढ़ने और खनन पर लगने वाली रोक की वजह से बाजार में काफी अस्थिरता है, जिससे आम आदमी के लिए बजट संभालना मुश्किल हो रहा है।
बालू और सीमेंट के दामों में कितनी हुई बढ़ोतरी?
बाजार में पिछले दो महीनों से सीमेंट की कीमतें बढ़ी हुई हैं। बालू की स्थिति और भी खराब है, क्योंकि 15 जून से 15 अक्टूबर तक घाटों से बालू निकासी बंद रहती है। करीब 15 दिन पहले तक जो एक ट्रैक्टर टाली (100 CFT) बालू 5000 से 5500 रुपये में मिल रही थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 7000 से 8000 रुपये तक पहुंच गई है। एल्युमीनियम के दामों में भी पिछले एक साल में करीब 70% की बढ़ोतरी देखी गई है।
खनन के नए नियम और जुर्माने की क्या है तैयारी?
बिहार सरकार ने 17 मई 2026 से ‘बिहार मिनरल अमेंडमेंट रूल्स 2026’ लागू कर दिए हैं। अब अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई होगी। नियमों के मुताबिक:
- ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर पहली गलती पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा।
- GPS डिवाइस बंद करने या छेड़छाड़ करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।
- नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर माइनिंग लीज को तीन महीने के लिए निलंबित या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।
- खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए CCTV और इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
व्यापारियों और ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि विक्रमशिला पुल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर में खराबी और फेरी सेवाओं के बंद होने से रूट लंबे हो गए हैं। इससे डीजल का खर्च और समय ज्यादा लग रहा है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ट्रैक्टर ऑपरेटर और अवैध कारोबारी जानबूझकर आर्टिफिशियल कमी पैदा कर रहे हैं ताकि वे मनमाने दाम वसूल सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में बालू खनन पर रोक कब से कब तक रहती है?
बिहार में मानसून के दौरान हर साल 15 जून से 15 अक्टूबर तक घाटों से बालू की निकासी पर पूरी तरह रोक रहती है।
बालू की मौजूदा कीमत कितनी चल रही है?
पटना और आसपास के इलाकों में एक ट्रैक्टर टाली (करीब 100 CFT) बालू की कीमत अब 7000 से 8000 रुपये के बीच पहुंच गई है।