Bihar: बिहार में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेमौसम बारिश की वजह से राज्य में करीब 150 करोड़ कच्ची ईंटें गल गई हैं, जिससे बाजार में ईंटों की किल्लत हो सकती है। इस वजह से एक ईंट की कीम
Bihar: बिहार में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेमौसम बारिश की वजह से राज्य में करीब 150 करोड़ कच्ची ईंटें गल गई हैं, जिससे बाजार में ईंटों की किल्लत हो सकती है। इस वजह से एक ईंट की कीमत में 1 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की आशंका है, जो आम आदमी की जेब पर असर डालेगी।
ईंटों की कीमतों और निर्माण लागत पर क्या असर पड़ेगा?
बारिश से ईंटों के नुकसान के साथ-साथ निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट, स्टील, टाइल्स और पेंट जैसी चीजों की कीमतों में तेजी आई है। इससे कुल प्रोजेक्ट लागत में 5 से 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सिविल इंजीनियर अंजनी कुमार के अनुसार, 1,000 sq ft के घर की निर्माण लागत में 80 से 90 रुपये प्रति sq ft तक का इजाफा हो सकता है।
सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के दाम
सिर्फ ईंटें ही नहीं, बल्कि सीमेंट के दाम भी बढ़े हैं। मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पूरे भारत में सीमेंट की औसत कीमत 10-13 रुपये प्रति बैग बढ़ी है। बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यह बढ़ोत्तरी लगभग 9-10 रुपये प्रति बैग रही है। इन बढ़ते दामों की वजह से कई लोग अपना घर बनाने का काम आगे बढ़ा रहे हैं।
ईंट भट्ठा मालिकों और मजदूरों की स्थिति
बेमौसम बारिश का असर सिर्फ ग्राहकों पर ही नहीं, बल्कि भट्ठा मालिकों और मजदूरों पर भी पड़ा है। बिहार सरकार ने टैक्स न चुकाने वाले 2,800 से ज्यादा भट्ठा मालिकों को नोटिस जारी किया है। साथ ही, बारिश की वजह से कच्ची ईंटें नष्ट होने से प्रवासी मजदूरों की दिहाड़ी और कमाई पर भी बुरा असर पड़ा है। सरकार अब प्रदूषण कम करने के लिए ‘जिग-जैग’ डिजाइन और फ्लाई ऐश ईंटों को बढ़ावा दे रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में घर बनाने का खर्च कितना बढ़ा है?
निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट और स्टील के दाम बढ़ने से कुल प्रोजेक्ट लागत में 5 से 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 1,000 sq ft के घर पर खर्च 80 से 90 रुपये प्रति sq ft तक बढ़ सकता है।
ईंटों की कीमत बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
बेमौसम बारिश के कारण बिहार में लगभग 150 करोड़ कच्ची ईंटें गल गई हैं, जिससे सप्लाई कम होने की वजह से एक ईंट की कीमत 1 रुपये तक बढ़ सकती है।