Bihar : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही राज्य में सख्ती शुरू कर दी है। उनके फैसलों और काम करने के तरीके को लोग ‘योगी मॉडल’ कह रहे हैं। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और अपराधियों के खिलाफ कड़े एक्शन की
Bihar : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही राज्य में सख्ती शुरू कर दी है। उनके फैसलों और काम करने के तरीके को लोग ‘योगी मॉडल’ कह रहे हैं। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और अपराधियों के खिलाफ कड़े एक्शन की तैयारी के साथ उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट कर दिया है।
जनता दरबार में क्या हुआ और क्यों हो रही चर्चा
17 अप्रैल 2026 को पटना में आयोजित जनता दरबार के दौरान एक मुस्लिम कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को गमछा भेंट किया, जिसे सम्राट चौधरी ने पहन लिया। लेकिन जब उसी कार्यकर्ता ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, तो मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर मना कर दिया और टोपी अपने सुरक्षाकर्मी को दे दी। इस घटना को लोग उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता और संतुलित नेतृत्व से जोड़कर देख रहे हैं।
सख्त एक्शन और प्रशासनिक फैसले
मुख्यमंत्री ने शपथ लेने के बाद सचिवालय की पहली बैठक में भ्रष्टाचार को खत्म करने और जनता की समस्याओं के तुरंत समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है।
- हड़ताल पर गए राजस्व एवं अंचल अधिकारियों समेत कुल 41 अधिकारियों को निलंबित किया गया।
- सिवान, भोजपुर, बक्सर, वैशाली और हाजीपुर समेत कई जिलों की जेलों में पुलिस ने छापेमारी की।
- जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई की जांच के लिए यह अभियान चलाया गया।
‘बुलडोजर एक्शन’ और भविष्य की रणनीति
सम्राट चौधरी के समर्थक उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ बुला रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि संगठित अपराध, लव जिहाद और घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी। आवश्यकता पड़ने पर अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की बात भी सामने आई है। उनकी पहली बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और सलाहकार दीपक कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।