Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने गया और बोधगया के विकास के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री ने गया के विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस
Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने गया और बोधगया के विकास के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री ने गया के विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस योजना के तहत विष्णुपद कॉरिडोर और एक विशाल मगध टाउनशिप बनाने की तैयारी है, जिससे इलाके में पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार आएगा।
विष्णुपद कॉरिडोर और महाबोधि कॉरिडोर की क्या है तैयारी
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर और बोधगया में महाबोधि कॉरिडोर के प्रोजेक्ट की समीक्षा की है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों कॉरिडोर के मॉडल और प्रोजेक्ट्स पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की मौजूदगी में लिया जाना है। सुरक्षा के लिहाज से विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के रास्तों पर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं ताकि काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।
मगध टाउनशिप में कितनी जमीन होगी और क्या हैं नियम
गया और बोधगया के बीच करीब 22,200 एकड़ जमीन पर ‘मगध टाउनशिप’ बनाई जाएगी। इसका मुख्य हिस्सा (Core Area) 1,629 एकड़ में होगा, जो गया-डोभी हाईवे (NH-22) और गया-शेरघाटी रोड (NH-119D) के मिलन बिंदु पर स्थित होगा। इस टाउनशिप में गया टाउन, बोधगया और परइया ब्लॉक के कई गांव और वार्ड शामिल होंगे।
सरकार ने इस इलाके में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर रोक लगा दी है। यह रोक मार्च 2027 तक या मास्टर प्लान पूरा होने तक लागू रहेगी। बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य के मुख्य जिलों में ऐसी 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाना है, ताकि शहरों में भीड़ कम हो और विकास सही तरीके से हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मगध टाउनशिप में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक क्यों लगी है
सरकार मगध टाउनशिप का एक व्यवस्थित मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसी वजह से मार्च 2027 तक या प्लान पूरा होने तक इस क्षेत्र में जमीन के लेन-देन और निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है।
मगध टाउनशिप का दायरा कहां से कहां तक है
यह टाउनशिप उत्तर में गया शहर से दक्षिण में बोधगया तक फैली है। इसके पूर्व में फल्गु नदी है और पश्चिम में यह गया प्लानिंग एरिया और रसुलगंज तक जाता है।