Bihar में जीविका अभ्यर्थियों को तोहफा, CM सम्राट चौधरी ने 2,446 लोगों को बांटे नियुक्ति पत्र

Bihar: पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति यानी जीविका के तहत चुने गए 2,446 अभ्यर्थियों को

Bihar: पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति यानी जीविका के तहत चुने गए 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने सभी नए नियुक्त लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह नौकरी सिर्फ रोजगार नहीं है, बल्कि समाज के पिछड़े परिवारों की जिंदगी बदलने की एक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जीविका अभियान महिलाओं के आत्मसम्मान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला एक बड़ा आंदोलन बन चुका है। 2005 के बाद से शुरू हुए इस अभियान की वजह से आज बिहार के लगभग हर गांव में महिलाएं विकास कार्यों में हिस्सा ले रही हैं।

सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जीविका के जरिए बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान बढ़कर अब करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि 2024 और 2025 के महिला संवाद कार्यक्रमों में मिली सलाह पर सरकार ने पेंशन राशि बढ़ाने और 1.70 करोड़ परिवारों को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का निर्णय लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गरीब परिवार को काम मिले और हर महिला को सम्मान मिले।

इस बार नियुक्ति पत्र सात अलग-अलग पदों के लिए दिए गए हैं। इनमें एरिया कोऑर्डिनेटर, कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, ऑफिस असिस्टेंट, अकाउंटेंट, लाइवलीहुड स्पेशलिस्ट और ब्लॉक आईटी एग्जीक्यूटिव जैसे पद शामिल हैं। अब चयनित उम्मीदवारों को तय तारीखों पर अपने दस्तावेज जमा करने होंगे और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बिहार में महिला सशक्तिकरण की स्थिति को देखते हुए आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में 10.49 लाख स्वयं सहायता समूहों से 1.11 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। साथ ही बिहार में 30 लाख से अधिक लखपति दीदियां तैयार हो चुकी हैं, जो साल में एक लाख रुपये या उससे ज्यादा कमा रही हैं। यह संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है।