Bihar के इंजीनियरिंग छात्रों को CM सम्राट चौधरी की सलाह, बोले- नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बनें
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के युवा इंजीनियरों को एक नई सोच अपनाने की सलाह दी है। शनिवार को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (BEU) के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते ह
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के युवा इंजीनियरों को एक नई सोच अपनाने की सलाह दी है। शनिवार को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (BEU) के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मौका बिहार के भविष्य को एक नई दिशा देने का है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जो बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं, ने छात्रों को बताया कि एक इंजीनियर की असली पहचान उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि उसकी नई सोच, तकनीकी क्षमता और समाज के लिए किए गए काम से होती है। उन्होंने जोर दिया कि आज की अर्थव्यवस्था ज्ञान और तकनीक पर टिकी है, इसलिए जो राज्य शिक्षा में निवेश करेंगे, वही आर्थिक रूप से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने साफ कहा कि बिहार का विकास तभी संभव है जब यहां के युवा रिसर्च और आधुनिक तकनीक को अपनाएंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और काम किए। उन्होंने जमूई, किशनगंज और सुपौल के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का रिमोट के जरिए उद्घाटन किया। साथ ही, उन्होंने 2024-25 सत्र के टॉप बी.टेक और एम.टेक छात्रों को गोल्ड मेडल, मेरिट सर्टिफिकेट और चेक सौंपे।
बिहार सरकार शिक्षा को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। वर्तमान में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की मासिक ट्यूशन फीस मात्र 10 रुपये और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 5 रुपये है। सरकार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी और भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी भी स्थापित करेगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार को विक्रमशिला विश्वविद्यालय को फिर से शुरू करने के लिए 220 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है।