Bihar में सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे, गया में स्टील प्लांट और पूर्णिया एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाने का ऐलान

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर राज्य के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार का मुख्य फोकस अब उद्योगों को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, जिससे स्थानीय लोगो

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर राज्य के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार का मुख्य फोकस अब उद्योगों को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। इन घोषणाओं में औद्योगिक कॉरिडोर, नए स्टील प्लांट और हवाई अड्डों का विस्तार शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कोसी, गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक नदियों के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का ऐलान किया है। इन गलियारों के साथ सड़क नेटवर्क भी बनाया जाएगा। साथ ही, नेपाल से आने वाली नदियों की बाढ़ को रोकने के लिए सरकार एक मास्टर प्लान तैयार करेगी, ताकि हर साल होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

गयाजी के लिए एक बड़ी खबर है, जहां बोकारो स्टील प्लांट की तर्ज पर एक एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर बनाया जाएगा। श्याम स्टील ने गया-डोभी रोड पर 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक स्टील प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 10 लाख टन होगी, जिससे करीब 8,000 लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा। सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में राज्य में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है।

हवाई यात्रा को आसान बनाने के लिए दरभंगा के बाद अब पूर्णिया एयरपोर्ट को भी अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए 206 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही पूर्णिया हवाई अड्डे के नए सिविल एन्क्लेव का उद्घाटन किया था और अब इसके विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, सरकार बिहार के अन्य 9 शहरों जैसे भागलपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में भी हवाई अड्डे विकसित करने की योजना बना रही है।

विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपनी कार्य संस्कृति बदलने और रोजाना 12-15 घंटे काम करने का निर्देश दिया है। सरकार ने नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इन सभी उपलब्धियों और योजनाओं को “सेवा, संकल्प और समर्पण” नाम की एक पुस्तिका में दर्ज किया गया है।