Bihar : बिहार सरकार ने आम जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए एक सख्त नियम लागू किया है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने आदेश दिया है कि किसी भी समस्या का समाधान 30 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा। अगर कोई अधिकारी तय सम
Bihar : बिहार सरकार ने आम जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए एक सख्त नियम लागू किया है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने आदेश दिया है कि किसी भी समस्या का समाधान 30 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा। अगर कोई अधिकारी तय समय में काम पूरा नहीं करता है, तो 31वें दिन उसे सीधे सस्पेंड कर दिया जाएगा।
शिकायत निवारण के लिए क्या है नया सिस्टम
सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए ‘Triveni’ सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत पंचायत स्तर पर शिकायत निवारण कैंप लगाए जाएंगे। लोग अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करने के लिए ‘Sahyog Portal’ का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर 1100 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। अधिकारियों को काम की प्रगति के लिए 10वें, 20वें और 25वें दिन नोटिस भी दिए जाएंगे ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
नगर निकायों और अन्य विभागों पर रहेगा फोकस
बिहार के सभी 264 नगर निकायों (Urban Local Bodies) की सुविधाओं को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। Urban Development and Housing Minister Nitish Mishra ने बताया कि गर्मियों में शहरों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। यह 30 दिन वाला नियम ब्लॉक ऑफिस, पुलिस स्टेशन और राजस्व विभाग के साथ-साथ जमीन विवादों से जुड़ी शिकायतों पर भी लागू होगा।
सहयोग शिविर और आगामी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने ‘Sahyog Shivir’ की शुरुआत की है, जो हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर आयोजित होंगे। इन शिविरों में मंत्री भी शामिल होंगे ताकि मौके पर ही समस्याओं का निपटारा हो सके। हालांकि, 264 नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव को कुछ अपरिहार्य कारणों से टाल दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर अधिकारी 30 दिन में समस्या हल नहीं करता तो क्या होगा?
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, यदि किसी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी को 31वें दिन स्वचालित रूप से सस्पेंड कर दिया जाएगा।
शिकायत दर्ज करने के लिए कौन से माध्यम उपलब्ध हैं?
जनता अपनी शिकायतें ‘Sahyog Portal’ के जरिए ऑनलाइन दर्ज करा सकती है, 1100 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती है या पंचायत स्तर पर लगने वाले ‘सहयोग शिविरों’ में जा सकती है।