Bihar : बिहार के अररिया और आसपास के इलाकों से महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाए जा रहे 160 बच्चों की घर वापसी होगी। जबलपुर और कटनी के बाल संरक्षण गृहों में रह रहे इन बच्चों को 23 अप्रैल, 2026 को वापस बिहार भेजा
Bihar : बिहार के अररिया और आसपास के इलाकों से महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाए जा रहे 160 बच्चों की घर वापसी होगी। जबलपुर और कटनी के बाल संरक्षण गृहों में रह रहे इन बच्चों को 23 अप्रैल, 2026 को वापस बिहार भेजा जाएगा। भारतीय रेलवे ने इन बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए एक विशेष बोगी की मंजूरी दे दी है।
बच्चों को वापस भेजने की क्या है पूरी प्रक्रिया
इन बच्चों की उम्र 6 से 15 साल के बीच है। बाल कल्याण समिति (CWC) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की निगरानी में इन्हें उनके घर पहुंचाया जाएगा। बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि बच्चों की काउंसलिंग शुरू हो चुकी है और उनके माता-पिता से संपर्क किया जा रहा है। 22 अप्रैल तक सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
मामला क्या था और अब तक क्या कार्रवाई हुई
11-12 अप्रैल, 2026 को कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से इन बच्चों को बचाया गया था। इन्हें महाराष्ट्र के लातूर, नांदेड़ और कोल्हापुर जैसे शहरों के मदरसों में ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में सद्दाम हुसैन और अमानुल्लाह समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल बच्चे |
लगभग 160-167 |
| मुख्य क्षेत्र |
बिहार का अररिया और आसपास |
| वापसी की तारीख |
23 अप्रैल, 2026 |
| गिरफ्तार आरोपी |
8 व्यक्ति |
| लागू धारा |
BNS की धारा 143(4) (बाल तस्करी) |
| संभावित सजा |
10 साल से आजीवन कारावास |
पुलिस और जांच एजेंसियों की क्या है अपडेट
जीआरपी प्रभारी एलपी कश्यप के मुताबिक जांच अभी जारी है। पुलिस और आईबी अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि बिहार में मदरसे होने के बावजूद बच्चों को इतनी दूर क्यों ले जाया जा रहा था। महाराष्ट्र के मदरसों में जांच के लिए टीमें भेजी गई थीं, जहां आवासीय शिक्षा की पुष्टि हुई है। फिलहाल फंड के स्रोतों की जांच की जा रही है।