Bihar: छपरा के एक परीक्षा केंद्र पर सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल का मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक को चप्पल में ब्लूटूथ और पेन में माइक्रोफोन छिपाकर नकल करते हुए पकड़ा गया। पकड़ा
Bihar: छपरा के एक परीक्षा केंद्र पर सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल का मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक को चप्पल में ब्लूटूथ और पेन में माइक्रोफोन छिपाकर नकल करते हुए पकड़ा गया। पकड़ा गया शख्स अपने दोस्त की जगह परीक्षा देने आया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
नकल के लिए किन उपकरणों का किया इस्तेमाल
पकड़े गए परीक्षार्थी रोहित कुमार, जो सिवान जिले का रहने वाला है, ने नकल के लिए काफी आधुनिक तरीका अपनाया था। उसने अपनी हवाई चप्पल के अंदर ब्लूटूथ डिवाइस फिट किया हुआ था और पेन में माइक्रोफोन लगाया था। यह एक वन-वे कम्युनिकेशन सिस्टम था, जिसकी मदद से उसे बाहर से परीक्षा के सही उत्तर सुनाई दे रहे थे।
नकल करने वालों के लिए अब क्या है नया कानून
बिहार सरकार ने परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए ‘बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक 2024’ लागू किया है। इस नए कानून के तहत नकल करते पकड़े जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है:
- नकल करने वाले को 3 से 10 साल तक की जेल हो सकती है।
- दोषी पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- नियम तोड़ने वाली संस्था या कंपनी को 4 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और 1 करोड़ रुपये जुर्माना देना होगा।
परीक्षा और जांच की ताजा स्थिति क्या है
यह घटना 20 अप्रैल 2026 को छपरा के साधुलाल पृथ्वी चंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर हुई। BPSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा के दौरान नगर थाना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई की। फिलहाल EOU की 8 सदस्यीय SIT पेपर लीक से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।