Bihar: राज्य में जनगणना 2027 की तैयारी तेज हो गई है। करीब 47 लाख लोगों ने डिजिटल तरीके से अपनी स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी कर ली है। 17 अप्रैल से 1 मई तक चली इस प्रक्रिया में बिहार ने पूरे देश में सबसे ज्यादा भागीदा
Bihar: राज्य में जनगणना 2027 की तैयारी तेज हो गई है। करीब 47 लाख लोगों ने डिजिटल तरीके से अपनी स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी कर ली है। 17 अप्रैल से 1 मई तक चली इस प्रक्रिया में बिहार ने पूरे देश में सबसे ज्यादा भागीदारी दिखाई है। अब 2 मई से गणना करने वाले कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाना शुरू करेंगे।
किन जिलों में सबसे ज्यादा लोगों ने खुद भरी जानकारी
स्व-गणना प्रक्रिया में मधुबनी जिला सबसे आगे रहा है, जहां 5.90 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद वैशाली में 5.72 लाख और दरभंगा में 4.84 लाख लोगों ने अपनी जानकारी खुद दर्ज की। राजधानी पटना 2.30 लाख प्रतिभागियों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। कुल मिलाकर 46,82,284 बिहारवासियों ने इस डिजिटल प्रक्रिया को पूरा किया है।
घर-घर गणना कब से और कैसे होगी
जनगणना का पहला चरण 2 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसे ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ कहा जा रहा है। इसमें प्रशिक्षित कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। जिन लोगों ने पहले ही स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) कर्मचारी को देनी होगी ताकि डेटा का सत्यापन आसानी से हो सके। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है।
सावधान रहें, किसी को न दें ओटीपी या पैसा
जनगणना निदेशालय ने लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि कोई भी जनगणनाकर्मी आपसे ओटीपी, बैंक डिटेल, आधार, पैन कार्ड की जानकारी या पैसों की मांग नहीं करेगा। अगर कोई ऐसा करता है, तो तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर शिकायत करें। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आपकी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्व-गणना (Self-Enumeration) आईडी का क्या उपयोग है?
जिन लोगों ने डिजिटल तरीके से अपनी जानकारी भरी है, उन्हें एक SE ID मिली है। जब गणनाकर्मी घर आएंगे, तो यह आईडी दिखाने से डेटा का सत्यापन जल्दी और आसानी से हो जाएगा।
जनगणना का दूसरा चरण कब शुरू होगा?
जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में आयोजित किया जाएगा। इसमें लोगों की उम्र, लिंग, व्यवसाय, साक्षरता और जाति जैसे सामाजिक-आर्थिक संकेतकों की विस्तृत जानकारी ली जाएगी।