Bihar में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22,000 पदों पर होगी बहाली, जमुई में बनेंगे दो नए पुल
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और रोजगार को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में सबसे अहम फैसला आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22,000 खाली पदों को भरने का है, ज
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और रोजगार को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में सबसे अहम फैसला आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22,000 खाली पदों को भरने का है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही जमुई जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन के लिए संशोधित मार्गदर्शिका-2026 को अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य में आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी और महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
जमुई जिले के लोगों के लिए भी अच्छी खबर है। कैबिनेट ने NH-333A रोड पर दो महत्वपूर्ण पुल परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। पहला पुल खैरा-सोनो पथ के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट के पास क्यूल नदी पर बनेगा, जिसकी लागत 93.82 करोड़ रुपये होगी। दूसरा पुल इसी मार्ग के 80वें किलोमीटर पर मंगोबंदर-सुकनर नदी पर बनाया जाएगा, जिसमें 55.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन पुलों के तैयार होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी और व्यापार व खेती को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगी। कृषि क्षेत्र के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के विस्तार हेतु 106.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, ताकि वेजफेड की सहकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके। इसके अलावा बंद पड़ी चीनी मिलों में नई सहकारी चीनी मिलें लगाने और अमृत 2.0 मिशन के तहत दो शहरी जलापूर्ति परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने इन फैसलों को राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम बताया है।