Bihar: बक्सर जिले में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के बाद सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब लोगों को खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर राशन की दुकानों (PDS) से ‘कुकिंग कोल’ मिलेगा। यह कदम उन परिवारों को
Bihar: बक्सर जिले में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के बाद सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब लोगों को खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर राशन की दुकानों (PDS) से ‘कुकिंग कोल’ मिलेगा। यह कदम उन परिवारों को राहत देने के लिए उठाया गया है जिन्हें गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही थी।
राशन दुकान से कोयला मिलने का क्या है पूरा मामला?
दक्षिण पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से एनर्जी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे बिहार में LPG की उपलब्धता कम हो गई है। बक्सर में रोजाना करीब 6419 सिलेंडरों की मांग थी, जबकि सप्लाई सिर्फ 5772 के आसपास हो रही थी। इस अंतर को भरने और लोगों की मुश्किल कम करने के लिए सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत यह निर्देश जारी किए हैं। सरकारी सचिव Abhay Kumar Singh ने इसके लिए माइनिंग और ट्रांसपोर्ट विभाग समेत सभी जिलाधिकारियों को जरूरी आदेश भेज दिए हैं।
किसे मिलेगा कुकिंग कोल और कैसे होगा वितरण?
कुकिंग कोल का वितरण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- राशन कार्ड धारकों को PDS दुकानों के जरिए यह ईंधन मिलेगा।
- National Food Security Act (NFSA) के लाभार्थियों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
- जिलाधिकारियों को कोयले की सप्लाई, स्टोरेज और वितरण की पूरी निगरानी करने को कहा गया है।
- बक्सर की DDC Niharika Chhavi पहले ही गैस एजेंसियों को चेतावनी दे चुकी हैं कि बिना बुकिंग के सिलेंडर बेचने वालों पर कार्रवाई होगी।
इस व्यवस्था के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इसे तत्काल लागू करें ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई में दिक्कत न हो। प्रशासन अब गैस एजेंसियों से रोजाना रिपोर्ट ले रहा है ताकि सप्लाई की स्थिति में सुधार लाया जा सके और बैकलाग को खत्म किया जा सके।