Bihar: बिहार के लोगों का सपना अब सच होने जा रहा है क्योंकि राज्य में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय रेलवे ने वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए सर्वे टीम बना दी है। इस प्रोजेक्
Bihar: बिहार के लोगों का सपना अब सच होने जा रहा है क्योंकि राज्य में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय रेलवे ने वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए सर्वे टीम बना दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली, पटना और सिलीगुड़ी के बीच का सफर कुछ ही घंटों में पूरा हो जाएगा।
बुलेट ट्रेन का रूट और स्टेशन कहां होंगे
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर कुल 744 किलोमीटर लंबा होगा जो वाराणसी को सिलीगुड़ी से जोड़ेगा। बिहार में यह ट्रेन बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हथिदाह, बेगूसराय, महेशखूँट, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजरेगी। पटना के पास बिहटा में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए करीब 21 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। पहले इसे AIIMS के पास बनाने की सोच थी, लेकिन अब बिहटा को ज्यादा सही माना गया है।
कितना कम होगा सफर का समय और क्या होगी रफ्तार
बुलेट ट्रेन 300 से 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी।
| रूट |
अनुमानित समय |
| पटना से दिल्ली |
4 घंटे |
| वाराणसी से सिलीगुड़ी |
करीब 2 घंटे 55 मिनट |
| दिल्ली से हावड़ा |
करीब 6.5 घंटे |
प्रोजेक्ट का बजट और जमीन का मुआवजा
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 5 लाख करोड़ रुपये है। बिहार में ट्रैक का करीब 650 किमी हिस्सा एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बनाया जाएगा, जिसके लिए 1,900 हेक्टेयर जमीन चाहिए। पटना जिले के 58 गांवों से यह ट्रेन गुजरेगी। सरकार ने तय किया है कि ग्रामीण इलाकों में सर्कल रेट से चार गुना और शहरी इलाकों में दो गुना मुआवजा दिया जाएगा।
सर्वे और काम कब से शुरू होगा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस कॉरिडोर को राज्य के लिए गेम चेंजर बताया है। रेलवे के मुताबिक, सर्वे का काम जुलाई-अगस्त 2026 से शुरू होगा। सितंबर 2026 से मार्च 2027 के बीच इस कॉरिडोर की Detailed Project Report (DPR) तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।