Bihar में मकान बनाना होगा आसान, सरकार ला रही बिल्डिंग बायलॉज-2026, बदल जाएंगे घर के नक्शे के नियम
Bihar: बिहार सरकार राज्य में घर और बिल्डिंग बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘बिल्डिंग बायलॉज-2026’ का नया ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है। इस नए नियम के आने से अब मकान बनाते समय चारों तरफ जगह छोड़ने की पुरानी
Bihar: बिहार सरकार राज्य में घर और बिल्डिंग बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘बिल्डिंग बायलॉज-2026’ का नया ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है। इस नए नियम के आने से अब मकान बनाते समय चारों तरफ जगह छोड़ने की पुरानी मजबूरी खत्म हो जाएगी। इससे पटना और दानापुर जैसे शहरों में हजारों प्रोजेक्ट्स और टाउनशिप को बड़ा फायदा मिलेगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि इस मसौदे पर फिलहाल आम लोगों और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। उम्मीद है कि जुलाई 2026 में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे अगस्त 2026 से पूरे राज्य के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में लागू कर दिया जाएगा।
नए नियमों के तहत अब 24 मीटर तक की आवासीय इमारतों और 15 मीटर तक की व्यावसायिक इमारतों के नक्शे मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट के सेल्फ-सर्टिफिकेशन से पास हो सकेंगे। अगर विभाग 30 दिनों के भीतर नक्शे पर कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो उसे अपने आप स्वीकृत मान लिया जाएगा। इसके अलावा, अब इमारतों की ऊंचाई पर कोई सख्त सीमा नहीं होगी, हालांकि एयरपोर्ट और विरासत स्थलों के पास पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
| नियम | नया बदलाव |
|---|---|
| जगह छोड़ना | चारों तरफ जगह छोड़ना जरूरी नहीं, केवल एक तरफ दमकल और एंबुलेंस के लिए जगह छोड़नी होगी |
| नक्शा मंजूरी | 30 दिन में कार्रवाई न होने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वचालित स्वीकृति) मिलेगी |
| ऊंचाई सीमा | ज्यादातर क्षेत्रों में ऊंचाई की सख्त सीमा खत्म की गई है |
| FAR नियम | बेस FAR 3.5 प्रस्तावित है, शुल्क देकर अतिरिक्त FAR खरीदा जा सकेगा |
| भूमि उपयोग | नक्शा पास होते ही लैंड यूज़ परिवर्तन अपने आप मान लिया जाएगा |
| रेन वाटर हार्वेस्टिंग | 100 वर्गमीटर या उससे बड़े प्लॉट पर बारिश के पानी का संचयन अनिवार्य होगा |
| दिव्यांग सुविधा | 2000 वर्गमीटर से बड़े सार्वजनिक भवनों में रैंप और ब्रेल बोर्ड अनिवार्य होंगे |
सरकार ने नियमों में 10% तक की छोटी चूकों को माफ करने का भी प्रावधान रखा है। हालांकि, अगर कोई आर्किटेक्ट या इंजीनियर गलत जानकारी देकर नक्शा पास कराता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती। जो प्रोजेक्ट्स पहले से अधूरे हैं और उनकी अनुमति खत्म हो चुकी है, उन्हें अब इन नए नियमों का पालन करना होगा।