Bihar: बिहार में पुलों की हालत खराब होने से आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु में आई खराबी के बाद अब राज्य के चार और पुलों पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन
Bihar: बिहार में पुलों की हालत खराब होने से आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु में आई खराबी के बाद अब राज्य के चार और पुलों पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ दिया है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
किन पुलों पर लगा प्रतिबंध और क्या है वजह
बिहार के अलग-अलग जिलों में पुलों की जर्जर हालत सामने आई है। भागलपुर के Vikramshila Setu का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद भारी वाहनों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अररिया के झामता-महिशाकोल पुल में दरारें आने और खंभा धंसने से वहां भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है। गोपालगंज और बेतिया के बीच जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में 12 इंच का गैप मिलने के बाद इसे खतरनाक माना गया है। वहीं औरंगाबाद में NH-139 पर स्थित बटाने नदी पुल के गार्डरों में दरारें मिलने के कारण वहां भी भारी गाड़ियों पर रोक लगा दी गई है।
आम जनता के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है
विक्रमशिला सेतु पर पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए मुफ्त स्टीमर सेवा शुरू की गई है। प्रशासन यहाँ 5 जून तक एक बेली ब्रिज (अस्थायी पुल) बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे 20 से 25 टन तक के वाहन गुजर सकेंगे, लेकिन बड़े ट्रकों पर पाबंदी बनी रहेगी। अन्य प्रभावित पुलों पर भी केवल हल्के वाहनों को ही सख्त निगरानी में जाने की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी प्रमुख पुलों के सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है ताकि अन्य पुलों की स्थिति जांची जा सके।
तकनीकी जांच और सरकारी कदम
पुलों की मरम्मत और जांच के लिए IIT पटना और NIT पटना के विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने सीमा सड़क संगठन (BRO) और भारतीय सेना से मदद मांगी है ताकि यातायात के वैकल्पिक इंतजाम जल्द हो सकें। औरंगाबाद और गोपालगंज के जिलाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक तकनीकी सुधार नहीं होते, भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर अब कौन से वाहन चल सकते हैं?
वर्तमान में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है। पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए स्टीमर सेवा उपलब्ध है। 5 जून तक बनने वाले बेली ब्रिज से 20-25 टन तक के हल्के वाहन गुजर सकेंगे।
गोपालगंज के जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में क्या समस्या आई है?
इस पुल के पाया संख्या 12 और 13 के बीच लगभग 12 इंच का गैप पाया गया है, जिसके कारण इसे असुरक्षित मानकर भारी वाहनों का रास्ता बंद कर दिया गया है।