Bihar: भारत और नेपाल के बॉर्डर इलाकों में नेपाली नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को पेट्रोल और डीजल देना बंद कर दिया गया है। नेपाल में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ जाने की वजह से वहां के लोग भारतीय पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा रहे थे।
Bihar: भारत और नेपाल के बॉर्डर इलाकों में नेपाली नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को पेट्रोल और डीजल देना बंद कर दिया गया है। नेपाल में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ जाने की वजह से वहां के लोग भारतीय पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा रहे थे। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं और कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
नेपाली वाहनों के लिए तेल की बिक्री क्यों रोकी गई?
नेपाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। वहां पेट्रोल करीब 137 और डीजल 129 नेपाली मुद्रा प्रति लीटर है, जबकि भारत में यह काफी सस्ता है। इस अंतर की वजह से नेपाली नागरिक बड़ी संख्या में भारतीय पंपों पर आ रहे थे, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी और कालाबाजारी का खतरा बढ़ गया था। प्रशासन को डर था कि तेल की तस्करी बढ़ सकती है।
नए नियमों के तहत कितनी मात्रा में मिलेगा ईंधन?
प्रशासन ने तेल की बिक्री को पूरी तरह बंद करने के साथ-साथ कुछ इलाकों में सीमा तय की है। Nautanwa प्रशासन ने नियम बनाया है कि छोटी चार पहिया गाड़ियों को 10 लीटर, बड़ी गाड़ियों को 20 लीटर और दोपहिया वाहनों को केवल 3 लीटर ईंधन मिलेगा। साथ ही, बोतलों, ड्रमों या किसी भी कंटेनर में तेल बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल आपातकालीन स्थिति में फंसे नेपाली नागरिकों को 50 से 100 रुपये तक का तेल दिया जा सकता है।
प्रशासन और तेल कंपनियों ने क्या आदेश दिए हैं?
District Supply Officer सुनील कुमार सिन्हा और District Petrol Pump Association के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि यह फैसला तेल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया गया है। Valmikinagar, Sonbarsa और सीतामढ़ी जैसे सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और SSB के जवान निगरानी कर रहे हैं। पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या नेपाली वाहनों को बिल्कुल भी तेल नहीं मिलेगा?
सामान्य तौर पर बिक्री बंद है, लेकिन आपातकालीन स्थिति में फंसे लोगों को 50 से 100 रुपये तक का ईंधन दिया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों में सीमित मात्रा (3 से 20 लीटर) की अनुमति है।
तेल की बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई?
नेपाल और भारत के बीच ईंधन की कीमतों में बड़े अंतर के कारण तस्करी और कालाबाजारी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।