Bihar: बिहार के सात सीमावर्ती जिलों में भारत-नेपाल बॉर्डर मैनेजमेंट और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के कामों ने अब रफ्तार पकड़ ली है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही में जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें
Bihar: बिहार के सात सीमावर्ती जिलों में भारत-नेपाल बॉर्डर मैनेजमेंट और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के कामों ने अब रफ्तार पकड़ ली है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही में जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें पूर्वी चम्पारण, मधुबनी, सीतामढ़ी और किशनगंज जैसे जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई. सरकार का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ इन पिछड़े गांवों में आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना है.
बॉर्डर पिलरों के रखरखाव और सर्वे को लेकर क्या है नई योजना?
भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित पिलरों की निगरानी के लिए अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. गायब और क्षतिग्रस्त हो चुके पिलरों की मरम्मत के लिए भारत और नेपाल ने एक संयुक्त कार्य योजना बनाई है. 30 मार्च 2026 को हुई अंतरराष्ट्रीय बैठक के बाद सात जिलों में सर्वे का काम शुरू हो गया है, जिसे एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है.
- पूर्वी चम्पारण: यहां 1,237 पिलरों की नियमित निगरानी की जा रही है.
- सुपौल: जिले में सभी क्षतिग्रस्त पिलरों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है.
- जॉइंट सर्वे: 5,000 से अधिक सीमा स्तंभों की मरम्मत के लिए नेपाल के साथ सहमति बनी है.
गांवों के विकास और अतिक्रमण हटाओ अभियान की क्या है स्थिति?
सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (VVP) के दूसरे चरण को मंजूरी मिल गई है. इसके तहत गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. साथ ही प्रशासन ‘नो मैन्स लैंड’ से अवैध कब्जे हटाने के लिए सख्त रुख अपना रहा है. मधुबनी और किशनगंज जैसे जिलों में बड़ी संख्या में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है.
| जिला |
अतिक्रमण की स्थिति |
विकास योजनाएं |
| मधुबनी |
186 अवैध ढांचे गिराए गए |
253 विकास योजनाओं की DPR तैयार |
| किशनगंज |
34 अवैध कब्जे हटाए गए |
112.53 करोड़ रुपये आवंटित |
| पश्चिमी चम्पारण |
261 अतिक्रमण हटाए गए |
31 सीमावर्ती गांवों का चयन |
| सीतामढ़ी |
सुरक्षा और साइबर सेल सक्रिय |
डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण |
अपराध नियंत्रण और घुसपैठ को रोकने के लिए प्रशासन के सख्त कदम
सीमावर्ती इलाकों में जाली नोटों (FICN) और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए प्रशासन ने जाल बिछाया है. पूर्वी चम्पारण और सीतामढ़ी में लाखों रुपये के भारतीय और नेपाली जाली नोटों के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोहों का भी भंडाफोड़ हुआ है. सुरक्षा एजेंसियां उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश और चीन जैसे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं.