Bihar के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर पर बवाल, परिजनों ने लगाया फर्जी मुठभेड़ का आरोप

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में पुलिस द्वारा किए गए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, जबकि मृतक के परिवार और ग्रामीणों का दावा

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में पुलिस द्वारा किए गए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, जबकि मृतक के परिवार और ग्रामीणों का दावा है कि यह एक फर्जी मुठभेड़ थी। इस घटना के बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

घटना बुधवार, 17 जून 2026 की सुबह करीब 9 बजे शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव की है। भोजपुर एसपी के मुताबिक, पुलिस को खबर मिली थी कि भरत तिवारी पिस्तौल लहराकर फायरिंग कर रहा था। पुलिस का कहना है कि उसने एक सब-इंस्पेक्टर पर 20 मिनट तक बंदूक तान रखी थी और टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। इस दौरान भरत के पैर में गोली लगी और बाद में पटना के PMCH अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद की है।

इस मामले में सबसे बड़ा विवाद भरत की मानसिक स्थिति और उसके सरेंडर को लेकर है। पुलिस ने 16 जून को एक प्रेस विज्ञप्ति में उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था, लेकिन मुठभेड़ के बाद की रिपोर्ट में उसके हिंसक व्यवहार पर जोर दिया गया। दूसरी तरफ, भरत के पिता काशीनाथ तिवारी का आरोप है कि उनके बेटे ने पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे गोली मार दी गई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें भरत अपनी पिस्तौल पुलिस को देते हुए दिख रहा है।

इस घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। वहीं, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया है और एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।