Bihar के भोजपुर में भारत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, जनसुराज ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Bihar/Bhojpur: भोजपुर के बिलौटी गांव में भारत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है। जनसुराज पार्टी और पीड़ित परिवार ने न्याय न मिलने पर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का म

Bihar/Bhojpur: भोजपुर के बिलौटी गांव में भारत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है। जनसुराज पार्टी और पीड़ित परिवार ने न्याय न मिलने पर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का मन बनाया है। प्रशांत किशोर की मौजूदगी में हुई महापंचायत के बाद अब मुख्यमंत्री का घेराव करने की तैयारी की जा रही है।

24 जून 2026 को बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में यह तय किया गया कि अगर परिवार को उचित न्याय नहीं मिला तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू होगा। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों पर हत्या, आर्म्स एक्ट और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। हालांकि, भारत तिवारी के परिवार का कहना है कि वे अभी भी संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि उनकी मुख्य मांग दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 जून को इस मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी और जांच के लिए न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दिए हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री ने भी इस मामले में चूक की बात मानी है और कहा है कि जनता के संदेह को दूर करने के लिए न्यायिक जांच जरूरी थी। सरकार ने भारत तिवारी के माता-पिता और स्थानीय लोगों पर दर्ज केस हटाने के निर्देश भी दे दिए हैं।

जनसुराज पार्टी ने इस मामले में अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। प्रशांत किशोर और अन्य नेताओं ने मामले की CBI जांच कराने, परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए और भारत तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से एनकाउंटर की अनुमति देने जैसी बातें कही थीं।

दूसरी ओर, मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि भारत तिवारी के पास अवैध हथियार कहां से आए। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि एनकाउंटर की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल परिवार और जनसुराज के बीच इस बात को लेकर सहमति है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।