Bihar के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर केस को लेकर बवाल, मां और बहन 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की मौत के मामले में अब परिवार ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भरत की मां आशा देवी और बहन पुष्पा देवी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उन्हें जल्

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की मौत के मामले में अब परिवार ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भरत की मां आशा देवी और बहन पुष्पा देवी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगी। परिवार का आरोप है कि भरत की हत्या की गई है, जबकि पुलिस इसे एनकाउंटर बता रही है।

भरत तिवारी एक 28 साल के छात्र और स्थानीय एक्टिविस्ट थे, जो बाढ़ और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आवाज उठाते थे। 17 जून 2026 को एक विवादित पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी। परिवार का दावा है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था और अपना हथियार फेंक दिया था, फिर भी उन्हें गोली मार दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर पांच गोलियां चलने की बात सामने आई है।

परिवार ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट किया है कि वे जगदीशपुर DSP राजेश शर्मा, शाहपुर SHO राजेश कुमार मल्ल्कर, सब-इंस्पेक्टर अंकित आर्यन और STF जवान अक्षय कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों पर लगाए गए कथित झूठे केस वापस लेने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। भरत की बहन रूबी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के पास बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध गाड़ियां देखी जा रही हैं, जिससे परिवार डरा हुआ है।

इस मामले में प्रशासन की ओर से न्यायिक जांच शुरू हो चुकी है। रिटायर्ड जज जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने घटना स्थल का मुआयना किया और परिवार के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में एक सीनियर ऑफिसर और SHO के खिलाफ मर्डर केस दर्ज किया है और पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में PIL दाखिल करने पर याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।

तनाव को देखते हुए प्रशासन ने 5 जुलाई को जगदीशपुर में होने वाली ‘बहुजन महापंचायत’ की अनुमति नहीं दी, जिससे इलाके में माहौल गर्म है। दूसरी ओर, बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी 5 जुलाई को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। परिवार ने यह भी ऐलान किया है कि वे 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।