Bihar के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर केस पर बवाल, परिवार ने दी आमरण अनशन की धमकी
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर केस ने अब तूल पकड़ लिया है. मृतक के परिवार ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चेतावनी दी है कि अगर दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हु
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर केस ने अब तूल पकड़ लिया है. मृतक के परिवार ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चेतावनी दी है कि अगर दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे. परिवार ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
यह पूरा मामला 17 जून 2026 का है, जब बिलौटी गांव में एक कथित मुठभेड़ के दौरान 28 साल के सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी की मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया था, लेकिन परिवार इसे फर्जी एनकाउंटर मान रहा है. 5 जुलाई को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरत की मां आशा देवी ने ऐलान किया कि 9 जुलाई से वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगी.
परिवार की मुख्य मांग है कि जगदीशपुर DSP राजेश शर्मा, शाहपुर SHO राजेश कुमार मल्लकर, SI अंकित आर्यन और STF जवान अक्षय कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. साथ ही, ग्रामीणों पर दर्ज झूठे केस वापस लेने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई है. परिवार का कहना है कि रात के समय बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनके घर की रेकी कर रही हैं, जिससे वे डरे हुए हैं.
इस मामले में बिहार पुलिस ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि केस को संभालने में बड़ी चूक हुई थी. शाहपुर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. हालांकि, जगदीशपुर के तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा का तबादला मद्य निषेध विभाग में कर दिया गया है, जिसे परिवार ने हत्या के बदले प्रमोशन बताया है. राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर खींचतान जारी है. मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि गलती होने पर कड़ी कार्रवाई होगी और इसे जाति के नजरिए से नहीं देखना चाहिए. वहीं, पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने इसे सीधे तौर पर हत्या करार दिया है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने परिवार को न्याय का भरोसा दिया है, जबकि राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस पूरे एनकाउंटर का आरोप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर लगाया है.
दूसरी तरफ, पुलिस सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर नजर रख रही है. अब तक 12 कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और 50 से ज्यादा अकाउंट्स की निगरानी हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है.