Bihar में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने मांगे वीडियो, फोन की होगी फोरेंसिक जांच

Bihar: बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब पुलिस डिजिटल सबूतों के जरिए सच जानने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने आम जनता, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि अगर उनके पास घटना से जुड़ा कोई भी वीडियो है, त

Bihar: बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब पुलिस डिजिटल सबूतों के जरिए सच जानने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने आम जनता, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि अगर उनके पास घटना से जुड़ा कोई भी वीडियो है, तो वे उसे साझा करें। 17 जून 2026 को हुए इस एनकाउंटर को लेकर काफी विवाद है और अब इसकी गहराई से जांच की जा रही है।

इस मामले में पुलिस भरत तिवारी के जब्त फोन की फोरेंसिक जांच करा रही है। पुलिस का कहना है कि फोन से मिलने वाला सारा डेटा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही एनकाउंटर के दौरान इस्तेमाल हुई तीन पिस्तौलें भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें एक भरत तिवारी से बरामद हुई थी और दो अन्य निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मालाकार और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की थीं।

घटना के बाद से ही भरत तिवारी के परिजन इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं। परिजनों और समर्थकों की मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। इस आयोग की अध्यक्षता पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं, जो पुलिस कार्रवाई की वैधता और सभी तथ्यों की जांच करेंगे। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

इधर, न्याय की मांग को लेकर लोगों का गुस्सा भी दिख रहा है। 25 जून को एक महापंचायत हुई थी जिसमें जब्त फोन वापस करने और मुआवजे जैसी पांच मांगें रखी गईं। 28 जून को पूर्णिया के धमदाहा में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सीबीआई जांच और आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। वहीं, 5 जुलाई को जगदीशपुर में बहुजन समाज द्वारा एक और महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसका नेतृत्व बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डन दास कर रहे हैं।