Bihar के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच तेज, 6 गवाहों को समन जारी

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने इस मामले के छह ग

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने इस मामले के छह गवाहों को समन भेजकर अपना पक्ष रखने को कहा है। यह सुनवाई आरा के डीपीआरसी भवन स्थित कार्यालय में होगी।

जांच आयोग ने मृतक भरत तिवारी के माता-पिता काशीनाथ तिवारी और आशा देवी, भाई चंदन तिवारी, भाभी सुमन देवी और जवइनिया के दो गवाहों को 11 और 13 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि इस जांच का मकसद घटना की पूरी पृष्ठभूमि को समझना और यह पता लगाना है कि 17 जून की पुलिस कार्रवाई कितनी सही थी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य छह महीने के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपना है।

इस मामले में पुलिस और परिवार के दावों में बड़ा अंतर है। पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी हथियारबंद और मानसिक रूप से अस्थिर था, जिसने पहले गोली चलाई जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। वहीं परिवार उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता बता रहा है और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। भरत की मां की शिकायत पर जगदीशपुर एसडीपीओ और शाहपुर थाना के तत्कालीन एसएचओ समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

ताजा घटनाक्रम में 8 जुलाई को आरा सिविल कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए। वहीं, न्याय की दिशा में ठोस कदम न उठाए जाने पर परिवार ने 9 जुलाई से आमरण अनशन शुरू करने की तैयारी की है। इससे पहले 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था और याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।