Bihar: पूर्वी बिहार के लोगों के लिए हवाई सफर अब आसान होने वाला है। भागलपुर के सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ धाम) में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है। इस एयरपोर्ट के बनने से भागलपुर, मुंगेर, बांका और खगड़िया
Bihar: पूर्वी बिहार के लोगों के लिए हवाई सफर अब आसान होने वाला है। भागलपुर के सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ धाम) में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है। इस एयरपोर्ट के बनने से भागलपुर, मुंगेर, बांका और खगड़िया के निवासियों को अब पटना जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे बड़े शहरों से जुड़ सकेंगे।
एयरपोर्ट की खासियत और रनवे की लंबाई क्या होगी?
यह एयरपोर्ट लगभग 931 एकड़ जमीन पर शुरू में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कुल 3064.039 एकड़ जमीन का प्रस्ताव है। यहां 4 किलोमीटर से ज्यादा लंबा रनवे बनाया जाएगा, जिससे बड़े विमान आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए RITES Limited को DPR तैयार करने का काम दिया गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 2030 तक पूरा करना है।
जमीन अधिग्रहण और सरकारी प्रक्रिया की ताज़ा स्थिति
बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने डीपीआर कंसल्टेंट के चयन के लिए निविदाएं जारी की हैं। जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने 472.72 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मसदी, नोनसर, राजगंज, कसवा, सूजापुर और मंझली जैसे गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है ताकि अधिग्रहण में आसानी हो। हालांकि, कुछ किसानों द्वारा इस प्रक्रिया का विरोध भी किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और व्यापार को क्या फायदा होगा?
इस एयरपोर्ट से श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही, भागलपुर के मशहूर रेशम उद्योग और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों के लिए सीधा रास्ता खोलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए मौके पैदा होंगे और कार्गो विमानों के जरिए सामान भेजना आसान होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुल्तानगंज एयरपोर्ट कब तक बनकर तैयार होगा?
सरकार ने इस परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें डीपीआर तैयार करने में एक साल और निर्माण कार्य में करीब तीन साल का समय लगने का अनुमान है।
एयरपोर्ट के लिए कितनी जमीन ली जा रही है?
शुरुआती चरण के लिए 931 एकड़ जमीन मंजूर हुई है, लेकिन कुल प्रस्तावित भूमि 3064.039 एकड़ है, जिसमें अतिरिक्त 2133.039 एकड़ जमीन का अनुरोध किया गया है।