Bihar के भागलपुर में अब सिंदूर से बढ़ेगी ग्रामीण महिलाओं की कमाई, BAU सबौर की नई पहल

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू की गई है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर ने प्राकृतिक और जैविक सिंदूर के उत्पादन पर जोर दिया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद मह

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू की गई है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर ने प्राकृतिक और जैविक सिंदूर के उत्पादन पर जोर दिया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद महिलाओं की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।

यह पूरा प्रोजेक्ट बिक्सा ओरियाना (Bixa Orellana) नाम के पौधे के बीजों पर आधारित है। इस पौधे से प्राकृतिक रंग निकाला जाता है, जिससे जैविक सिंदूर तैयार होगा। यह सिंदूर बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले सिंदूर से अलग होगा क्योंकि इसमें सीसा और पारे जैसी हानिकारक धातुएं नहीं होंगी।

योजना के तहत भागलपुर के सन्हौला प्रखंड की सकरामा पंचायत के रामासी गांव को ‘सिंदूर ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। 18 जुलाई 2026 को गांव में 250 सिंदूर के पौधे लगाए जाएंगे। बता दें कि यह पौधा करीब तीन साल बाद फल देना शुरू करता है।

BAU सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद बताया है। वहीं अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह और महिला वैज्ञानिक डॉ. वी. शाजिदा बानो ने इस प्राकृतिक सिंदूर के शोध को सफल बनाया है। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए कटिहार की उद्यमी रीना सिंह को बिहार स्टार्टअप की तरफ से 10 लाख रुपये का अनुदान भी मिला है, जो ‘सिया सिंदूर’ के व्यावसायिक उत्पादन पर काम कर रही हैं।

इस परियोजना के जरिए महिलाओं को बीज इकट्ठा करने, प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल, पैकेजिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक के मुताबिक यह देश की एक अनोखी पहल है जो पुराने पौधों को आधुनिक कमाई के जरिए से जोड़ती है।