Bihar: पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में जमीन विवाद की जांच करने गई पुलिस टीम पर गांव के कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में एक दारोगा और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आर
Bihar: पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में जमीन विवाद की जांच करने गई पुलिस टीम पर गांव के कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में एक दारोगा और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
कैसे हुआ पुलिस टीम पर हमला
यह पूरा मामला मरहिया गांव का है। यहां की निवासी पार्वती देवी ने अपने घर के सामने सड़क पर अवैध कब्जे और पेड़ काटे जाने की शिकायत की थी। इसी शिकायत की जांच करने और वीडियो बनाने के लिए शिकारपुर थाने की टीम गांव पहुंची थी। जब पुलिस टीम जांच कर रही थी, तभी लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस दर्जनों ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और टायर पंचर कर दिए गए।
कौन-कौन हुए घायल और क्या हुई कार्रवाई
हमले में सब-इंस्पेक्टर (SI) रविशंकर प्रसाद, लेडी गार्ड संध्या कुमारी और कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार जख्मी हुए। इन सभी को इलाज के लिए नरकटियागंज सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मदन राम नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, प्रिंस पासवान समेत 16 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
गांव के हालात और पुलिस का अगला कदम
शिकारपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति बनी रहे। फिलहाल गांव की स्थिति नियंत्रण में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बेतिया में पुलिस टीम पर हमला क्यों हुआ?
मरहिया गांव में एक महिला की शिकायत पर अवैध कब्जे और पेड़ काटने की जांच करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था।
हमले में कौन-कौन घायल हुए और अब उनकी स्थिति क्या है?
हमले में सब-इंस्पेक्टर रविशंकर प्रसाद, लेडी गार्ड संध्या कुमारी और कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार घायल हुए। तीनों का इलाज नरकटियागंज अस्पताल में चला और वे अब खतरे से बाहर हैं।