Bihar: इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी ने समाज सेवा और जन-स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने के लिए रिफाइनरी ने जिला टीबी केंद्र को अत्याधुनिक ट्रूनेट मशीनें सौंपी है
Bihar: इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी ने समाज सेवा और जन-स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने के लिए रिफाइनरी ने जिला टीबी केंद्र को अत्याधुनिक ट्रूनेट मशीनें सौंपी हैं। यह पहल रिफाइनरी के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) का हिस्सा है, जिससे इलाके में टीबी की जांच और इलाज आसान होगा।
ट्रूनेट मशीनें कैसे करेंगी मदद और क्या है रिफाइनरी की भूमिका
30 मई 2026 को बरौनी रिफाइनरी ने टीबी निदान के लिए ये मशीनें जिला टीबी केंद्र को दीं। ये मशीनें टीबी का जल्दी पता लगाने और उसके प्रभावी प्रबंधन में बहुत मददगार मानी जाती हैं। रिफाइनरी के मुख्य प्रबंधक (EMS, CSR) नीरज कुमार ने बताया कि समाज कल्याण के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
रिफाइनरी की अन्य उपलब्धियां और अधिकारियों का बयान
कार्यकारी निदेशक सत्यप्रकाश ने वार्षिक प्रेस वार्ता में कहा कि रिफाइनरी देश को ईंधन देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों पर भी काम कर रही है। वहीं, प्रसंस्करण प्रबंधक नेहा कुमारी ने बताया कि बरौनी रिफाइनरी ने साल 2025-26 में कई तकनीकी सफलताएं हासिल की हैं और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की लिस्ट में कंपनी 127वें स्थान पर रही है।
बिहार में टीबी की स्थिति और सरकारी अभियान
बिहार में टीबी के खिलाफ लड़ाई जारी है। फरवरी 2026 तक राज्य में 2,14,858 टीबी रोगी पंजीकृत थे, जिनमें से 79,197 लोगों को निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत हर महीने 1,000 रुपये मिल रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी 7 दिसंबर 2024 से 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया था, जिसके तहत देश भर में 5.1 लाख से ज्यादा मरीजों की पहचान की गई और 10 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बरौनी रिफाइनरी ने टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए क्या किया
बरौनी रिफाइनरी ने अपने CSR फंड से जिला टीबी केंद्र को अत्याधुनिक ट्रूनेट मशीनें प्रदान की हैं, ताकि टीबी की जांच जल्दी और सही तरीके से हो सके।
बिहार में टीबी मरीजों को मिलने वाली आर्थिक मदद क्या है
केंद्र की निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत पात्र टीबी रोगियों को इलाज के दौरान प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।