Bihar बंद हिंसा: सीवान में AK-47 से गोली चलाने वाला जवान सस्पेंड, पटना में 139 लोग गिरफ्तार
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई 2026 को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान भारी हिंसा हुई थी। इस मामले में अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सीवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरि
Bihar: राज्य में NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई 2026 को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान भारी हिंसा हुई थी। इस मामले में अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सीवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले एक जवान को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर गोलीबारी की तस्वीरें वायरल होने के बाद की गई है।
सीवान में हुई इस हिंसा के दौरान तीन छात्र घायल हुए थे, जबकि पथराव में एसपी समेत 25 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पुलिस पर AK-47 से फायरिंग का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस हिंसा को एक सोची-समझी साजिश मानते हुए पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा सहित 83 लोगों पर FIR दर्ज की है। पूर्व विधायक के पीए और माले नेता समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल सीवान में सभी तरह के धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है।
राजधानी पटना में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जहां हिंसा के आरोप में 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, गिरफ्तार लोगों में शामिल 30 महिलाओं और 30 नाबालिगों को छोड़ दिया गया है। ADG लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम के मुताबिक, भागलपुर और सीतामढ़ी से पकड़े गए 4-4 नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है। वहीं, जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव को हिंसा भड़काने के आरोप में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पूरे राज्य की स्थिति पर नजर डालें तो 20 जिलों में छात्र सड़कों पर उतरे थे, जिनमें से 8 जिलों में हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, जबकि कई जगहों पर पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई। कुल 8 जिलों में 17 FIR दर्ज की गई हैं और अब तक करीब 300 लोगों को जेल भेजा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।