Bihar बंद का मधेपुरा में मिला-जुला असर, प्रदर्शन के दौरान 17 छात्र हिरासत में
Bihar/Madhepura: नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों और वामपंथी दलों ने ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया था। मधेपुरा जिले में इस बंद का मिला-जुला असर रहा, जहां कुछ दुकानें
Bihar/Madhepura: नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों और वामपंथी दलों ने ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया था। मधेपुरा जिले में इस बंद का मिला-जुला असर रहा, जहां कुछ दुकानें बंद रहीं तो कुछ बाद में खुल गईं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और बिहारीगंज समेत कई इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया।
मधेपुरा के कॉलेज चौक पर NSUI, आइसा और क्रांतिकारी युवा एसोसिएशन जैसे छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जुलूस निकालकर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) का घेराव करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक रखा था। जब छात्रों ने इन बैरिकेड्स को हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस ने सख्ती दिखाई और करीब 17 छात्रों को हिरासत में लेकर सदर थाना भेज दिया। एएसपी प्रवीन भारती ने हिरासत में लिए गए छात्रों की पुष्टि की है।
राज्य के अन्य हिस्सों में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय आर शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया। वहीं, छपरा में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन को आग लगा दी और सीवान में भी झड़पें हुईं। पटना में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रशासन ने बंद को देखते हुए पूरे राज्य में भारी पुलिस बल तैनात किया था और सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। जेहानाबाद में भी शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च किया गया।