Bihar बंद का असर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, पटना में पुलिस का लाठीचार्ज

Bihar: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और आरवीवाई ने बिहार बंद का आह्वान किया था। इस बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए, जिसक

Bihar: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और आरवीवाई ने बिहार बंद का आह्वान किया था। इस बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य को कानूनी उलझनों से बचाने और राष्ट्र-विरोधी ताकतों को रोकने के लिए लिया गया है।

बिहार बंद के दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और 21 लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में राजद नेता तेज प्रताप यादव भी शामिल थे। इससे पहले पुलिस ने आइसा के सचिव दीपांकर और छात्र नेता सबा आफरीन को भी हिरासत में ले लिया था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

बंद का असर राज्य के अलग-अलग जिलों में देखने को मिला। एनएच-21 पर करीब एक घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। औरंगाबाद और छपरा में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जबकि आरा, जंदाहा, भोजपुर और जगदीशपुर में हाईवे जाम कर दिए गए। सुरक्षा के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, गया और औरंगाबाद जैसे जिलों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। सिवान में डीएम और एसपी ने फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

अफवाहों को रोकने के लिए गृह विभाग ने मुजफ्फरपुर के कुछ इलाकों में 24 जुलाई की दोपहर से 26 जुलाई की सुबह तक सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बैंकिंग और रेलवे जैसी जरूरी इंटरनेट सेवाएं चालू रहीं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने वहां से हटा दिया। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व सोनू फर्नाज, अजय कुमार, रामकुमार तांती और धनंजय जैसे नेताओं ने किया था।