Bihar में Ayushman Bharat योजना का असर, आयुष्मान कार्ड बनाने में राज्य का देश में तीसरा स्थान

Bihar: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आयुष्मान भारत योजना पर तेजी से काम हो रहा है। बिहार अब आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कार्ड

Bihar: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आयुष्मान भारत योजना पर तेजी से काम हो रहा है। बिहार अब आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कार्ड बनाने की संख्या के आधार पर बिहार पूरे देश में तीसरे स्थान पर है।

स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, बिहार में अब तक 4.16 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना के जरिए राज्य के 32 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ है, जिस पर कुल 4,784 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री Nitish Kumar और स्वास्थ्य मंत्री Mangal Pandey के मार्गदर्शन में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भी बिहार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है। यह सफलता ‘भव्य’ (Bhavya) हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की वजह से मिली है, जिसे नवंबर 2023 में शुरू किया गया था।

डिजिटल सेवाओं के मामले में कुछ खास आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • बिहार में अब तक 6.80 करोड़ ABHA ID कार्ड बनाए गए हैं।
  • ‘Scan and Share’ सुविधा के मामले में बिहार देश में पहले नंबर पर है, जहां 5.21 करोड़ टोकन जेनरेट हुए हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) बनाने में बिहार का देश में चौथा स्थान है।

वहीं सीतामढ़ी जिले की बात करें तो यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत 28 सरकारी और प्राइवेट अस्पताल पैनल में शामिल हैं। सीतामढ़ी ने साल 2021-22 में सबसे ज्यादा 72,063 आयुष्मान कार्ड बनाकर बिहार में पहला स्थान पाया था। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए अब लोगों को उनके घर के पास ही जांच और इलाज जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही हैं।