Bihar : औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित सांवा बिगहा गांव में इन दिनों पानी की भारी किल्लत है. गांव के करीब 400 लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और उन्हें पीने के लिए 1 किलोमीटर दूर स्थित कुएं से गंदा पानी लाना
Bihar : औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित सांवा बिगहा गांव में इन दिनों पानी की भारी किल्लत है. गांव के करीब 400 लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और उन्हें पीने के लिए 1 किलोमीटर दूर स्थित कुएं से गंदा पानी लाना पड़ रहा है. हालत इतनी खराब है कि कई ग्रामीण पिछले 2 से 4 दिनों से नहा तक नहीं पाए हैं.
गांव में पानी की क्या स्थिति है?
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लगे चापाकल पूरी तरह सूख चुके हैं और सरकार की नल-जल योजना भी ठप पड़ी है. पीने के साफ पानी का कोई साधन न होने की वजह से लोगों को मजबूरी में दूर के कुओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने की मांग की है.
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
इस संकट के बीच सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं. मार्च 2025 में बिहार सरकार ने लोकसभा में बताया था कि औरंगाबाद के ग्रामीण इलाकों में पानी का कोई गंभीर संकट नहीं है. सरकार के अनुसार:
- मार्च 2025 तक जिले के 3,81,571 ग्रामीण परिवारों (95.78%) को नल का पानी दिया जा चुका था.
- गर्मियों में संकट से निपटने के लिए गहरे बोरवेल हैंडपंप बनाने की व्यवस्था की जाती है.
हालांकि, सांवा बिगहा गांव की वर्तमान स्थिति इन पुराने दावों के बिल्कुल उलट नजर आ रही है. इस मामले पर औरंगाबाद जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है.