Bihar : अररिया जिले के फारबिसगंज ब्लॉक में परमान नदी पर बना झमटा-महीशकोल पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। महज चार साल पहले बना यह पुल अब असुरक्षित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। पुल का एक पिलर धंसने
Bihar : अररिया जिले के फारबिसगंज ब्लॉक में परमान नदी पर बना झमटा-महीशकोल पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। महज चार साल पहले बना यह पुल अब असुरक्षित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। पुल का एक पिलर धंसने से स्लैब और रेलिंग में बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके कारण प्रशासन ने यहां से भारी वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद कर दिया है।
पुल की हालत और लोगों पर असर क्या है?
यह पुल 206.72 मीटर लंबा है और इसका निर्माण 2022 में पूरा हुआ था। शुक्रवार, 22 मई 2026 को पुल का पिलर धंसने की खबर मिलते ही ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इस हादसे की वजह से करीब 1.5 लाख लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है।
प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
ग्रामीण कार्य विभाग ने पुल बनाने वाली कंपनी Prakash Construction को नोटिस जारी किया है। विभाग ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम अनिल कुमार से मुलाकात कर इस पूरे मामले की जांच करने और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा?
परमान नदी पर पुलों की हालत खराब रहने का सिलसिला पुराना है। नवंबर 2025 में भी एक पुल धंसा था, जिसके बाद डीएम ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। उस समय कार्यकारी अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया था कि नदी के बहाव में स्थानीय स्तर पर किए गए बदलावों की वजह से पुल की संरचना कमजोर हुई थी। अब झमटा-महीशकोल पुल की हालत भी वैसी ही हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अररिया में कौन सा पुल धंसा है और यह कब बना था?
फारबिसगंज ब्लॉक के केवलाशी गांव में परमान नदी पर बना झमटा-महीशकोल पुल धंसा है। इस पुल का निर्माण कार्य साल 2022 में पूरा हुआ था।
पुल बंद होने से आम जनता को क्या समस्या हो रही है?
पुल के असुरक्षित होने से लगभग 1.5 लाख लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है और अब उन्हें वैकल्पिक रास्ते से 10 किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ रहा है।