Bihar: बिहार सरकार अब राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को Android स्मार्टफोन देने जा रही है. डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसकी घोषणा की है, ताकि 0 से 6 साल तक के बच्चों के विकास और पोषण की सही तरीके से निग
Bihar: बिहार सरकार अब राज्य की आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को Android स्मार्टफोन देने जा रही है. डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसकी घोषणा की है, ताकि 0 से 6 साल तक के बच्चों के विकास और पोषण की सही तरीके से निगरानी की जा सके. यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है.
स्मार्टफोन कब तक मिलेंगे और क्या है बजट
पटना में पोषण पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह के दौरान यह ऐलान किया गया कि 24 अप्रैल 2026 की घोषणा के दो महीने के भीतर स्मार्टफोन का वितरण शुरू हो जाएगा. बिहार कैबिनेट ने इसके लिए पहले ही मंजूरी दे दी थी, जिसमें मोबाइल खरीदने के लिए 11,000 रुपये का प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा, मिशन सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के तहत इंटरनेट खर्च के लिए सालाना 2,000 रुपये भी दिए जाएंगे.
बच्चों की स्क्रीनिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग कैसे होगी
स्मार्टफोन मिलने के बाद सेविकाएं ‘पोषण ट्रैकर’ ऐप के जरिए बच्चों की निगरानी करेंगी. अब एक नया डिसेबिलिटी स्क्रीनिंग शेड्यूल (DSS) लागू किया गया है, जिससे बच्चों के मोटर स्किल्स, बातचीत करने का तरीका, सोचने की क्षमता, व्यवहार, नजर और सुनने की क्षमता की जांच होगी. अगर किसी बच्चे में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत ASHA और ANM कार्यकर्ताओं के जरिए जिला स्तर के केंद्रों पर भेजा जाएगा.
‘हमारे बच्चे, हमारा परिवार’ व्हाट्सएप चैनल की शुरुआत
सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की सचिव बंदना प्रेयसी ने बताया कि डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए ‘हमारे बच्चे, हमारा परिवार’ नाम से एक WhatsApp कम्युनिटी चैनल शुरू किया गया है. इस चैनल के जरिए परिवारों को बच्चों के पोषण, देखभाल और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारियां सीधे उनके मोबाइल पर मिलेंगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्टफोन कब तक मिलेंगे?
डिप्टी सीएम की घोषणा के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 से दो महीने के भीतर स्मार्टफोन का वितरण कर दिया जाएगा.
स्मार्टफोन के लिए सरकार कितनी राशि दे रही है?
बिहार कैबिनेट ने मोबाइल खरीदने के लिए 11,000 रुपये और इंटरनेट खर्च के लिए सालाना 2,000 रुपये का प्रावधान किया है.