Bihar में बदलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, पटना से सीतामढ़ी तक खुलेंगे हाईटेक नंद घर, सोलर बिजली और टीवी से होंगे लैस
Bihar: बिहार के बच्चों और महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 1,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब आधुनिक ‘नंद घर’ में बदला जाएगा। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की इस पहल से अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई
Bihar: बिहार के बच्चों और महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 1,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब आधुनिक ‘नंद घर’ में बदला जाएगा। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की इस पहल से अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में पटना से लेकर सीतामढ़ी तक के जिलों में हाईटेक नंद घर खोले जाएंगे। इन केंद्रों को आधुनिक बनाने के लिए सोलर बिजली और टीवी जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा और विकास में मदद मिल सके। यह पूरा काम अनिल अग्रवाल फाउंडेशन, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (भारत सरकार) और बिहार सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।
नंद घर प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों को साफ पानी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। यह प्रोजेक्ट 2016 में शुरू हुआ था और अब तक 16 राज्यों में 10,000 से ज्यादा केंद्र खुल चुके हैं, जिससे लाखों बच्चे और महिलाएं लाभ उठा रहे हैं।
इसी बीच बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब सेविकाओं को 7,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये और सहायिकाओं को 4,000 रुपये की जगह 4,500 रुपये महीना मिलेगा। यह नया मानदेय 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
इसके अलावा, राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए नया ऐप भी शुरू किया गया है। साथ ही, कुपोषण को दूर करने के लिए सभी केंद्रों पर पोषण पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।