Bihar: बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार अमृत 2.0 योजना के जरिए शहरों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने जा रही है। इसके लिए कुल 21 जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन
Bihar: बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार अमृत 2.0 योजना के जरिए शहरों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने जा रही है। इसके लिए कुल 21 जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 18 पर काम शुरू हो चुका है। इस पूरी योजना का मकसद लाखों परिवारों तक साफ और नियमित नल का पानी पहुंचाना है।
किन शहरों में होगा काम और कितना पैसा खर्च होगा
इस योजना के तहत बिहार के कई प्रमुख शहरों की सूरत बदलेगी। पटना, गया, समस्तीपुर, मुंगेर और खगड़िया जैसे शहरों में काम शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा फोकस पटना के फेज-1 पर है, जिसके लिए 1308.46 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। कुल मिलाकर 21 प्रोजेक्ट्स पर 2451.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
क्या बदलाव आएंगे और कौन कर रहा है काम
इन प्रोजेक्ट्स के जरिए पुराने और जर्जर पाइपलाइनों को बदला जाएगा ताकि लीकेज कम हो और पानी की बर्बादी रुके। साथ ही वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि पानी पूरी तरह साफ मिले। इन सभी कामों की जिम्मेदारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUDCO) को सौंपी गई है।
काम की वर्तमान स्थिति और समय सीमा
वर्तमान में 9 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है और 9 प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। बाकी 3 प्रोजेक्ट्स के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। यह योजना 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है और 2025-26 तक चलेगी। BUDCO के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि काम की क्वालिटी अच्छी हो और इसे तय समय के अंदर पूरा किया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमृत 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना, पुराने पाइप नेटवर्क को बदलना और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाना है।
बिहार के किन शहरों को इस योजना का लाभ मिलेगा
प्रमुख रूप से पटना, गया, समस्तीपुर, मुंगेर और खगड़िया जैसे शहरों में काम शुरू हो चुका है, जिससे लाखों शहरी परिवारों को फायदा होगा।