Bihar: बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए अब AISHE पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी हो गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया है। अब सभी जिलों में इस प्रक्रिया को ले
Bihar: बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए अब AISHE पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी हो गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया है। अब सभी जिलों में इस प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है ताकि सभी कॉलेज समय पर अपना डेटा पोर्टल पर चढ़ा सकें।
AISHE पंजीकरण क्यों है जरूरी और क्या है नियम
AISHE यानी All India Survey on Higher Education एक सालाना वेब-आधारित सर्वे है। इसके जरिए देशभर के कॉलेजों से छात्रों की संख्या, शिक्षकों की ताकत, कोर्स और बुनियादी ढांचे की जानकारी जुटाई जाती है। यह डेटा सरकार को शिक्षा से जुड़ी नई नीतियां बनाने और योजनाएं तैयार करने में मदद करता है। जिन कॉलेजों के पास पहले से AISHE कोड है, उन्हें नए साल के लिए दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी, लेकिन नए और अपंजीकृत संस्थानों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और कॉलेजों पर असर
आरा स्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने अपने सभी डिग्री कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द अपना AISHE कोड प्राप्त करें। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि UGC से फंड पाने और NAAC रैंकिंग हासिल करने के लिए पोर्टल पर डेटा अपलोड करना बहुत जरूरी है। अगर कॉलेज समय पर पंजीकरण नहीं करते हैं, तो उन्हें सरकारी अनुदान और रैंकिंग मिलने में दिक्कत आ सकती है।
पंजीकरण के लिए कौन से साल का पोर्टल खुला है
वर्तमान में AISHE पोर्टल पर अकादमिक वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया खुली है। विशेष रूप से उन संस्थानों के लिए यह मौका है जिन्होंने अब तक अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि सभी संस्थान बिना देरी किए अपनी जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
AISHE पंजीकरण क्या है और इसका क्या फायदा है
यह उच्च शिक्षा का एक राष्ट्रीय सर्वे है। इससे कॉलेजों को UGC से फंड मिलने और NAAC रैंकिंग प्राप्त करने में मदद मिलती है, साथ ही सरकार को शिक्षा नीति बनाने के लिए सटीक डेटा मिलता है।
क्या सभी कॉलेजों को दोबारा पंजीकरण करना होगा
नहीं, जिन संस्थानों के पास पहले से AISHE कोड मौजूद है, उन्हें नए अकादमिक वर्षों के लिए दोबारा पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है।