Bihar में खेती के लिए AI का इस्तेमाल, 12 लाख से ज्यादा किसान जुड़े ‘बिहार कृषि’ प्लेटफॉर्म से

Bihar: राज्य के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है। बिहार कृषि विभाग और MicroSave Consulting (MSC) ने मिलकर ‘बिहार कृषि’ डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कि

Bihar: राज्य के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है। बिहार कृषि विभाग और MicroSave Consulting (MSC) ने मिलकर ‘बिहार कृषि’ डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे अब तक 12 लाख से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं। इस पहल का मकसद खेती-किसानी को आसान बनाना और किसानों की कमाई बढ़ाना है।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत इसका voice-first AI इंटरफेस है। इसका मतलब है कि किसान अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर जानकारी ले सकते हैं और उन्हें जवाब भी आवाज के रूप में मिलेगा। इसमें मिट्टी की सेहत के हिसाब से सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है। इस ऐप को ET Government DigiTech Awards 2025 में गोल्ड अवार्ड से भी नवाजा गया है।

हाल ही में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) Sabour की सेवाओं को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को विशेषज्ञों की सलाह, ट्रेनिंग प्रोग्राम और मौसम की सटीक जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी। कृषि मंत्री विजय कुमार सिंह ने बताया कि AgriTech के जरिए खेती का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार किसानों की आय दोगुनी हो सके।

इसके अलावा, राज्य में कई अन्य AI प्रयास भी देखने को मिल रहे हैं। मुजफ्फरपुर के अभिषेक नामक छात्र ने किसानों की मदद के लिए AI प्रोजेक्ट बनाया, जिसके लिए उन्हें International Research Project Olympiad में पहला रैंक मिला। वहीं, गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी (GNSU) के छात्रों ने ‘Agri Health AI प्लेटफॉर्म’ पेश किया है, जो हिंदी, अंग्रेजी और भोजपुरी भाषाओं में मुफ्त सलाह देता है।

सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ प्लेटफॉर्म को भी बिहार कृषि ऐप से जोड़ दिया है। अब किसान एक ही जगह पर AI आधारित सलाह और विभागीय सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। किसान ई-मित्र चैटबॉट के जरिए भी सरकारी योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं, जिसने अब तक लाखों सवालों के जवाब दिए हैं।