Bihar: Adapur ब्लॉक में मानसून की पहली बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह मुसीबत लेकर आई है। खेतों में खड़ी मक्के की फसल पानी में डूब गई है जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इलाके की सड
Bihar: Adapur ब्लॉक में मानसून की पहली बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह मुसीबत लेकर आई है। खेतों में खड़ी मक्के की फसल पानी में डूब गई है जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इलाके की सड़कें पानी से भर गई हैं और चारों तरफ कीचड़ होने की वजह से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से जलजमाव की स्थिति और खराब हो गई है।
किसानों को कितना नुकसान और क्या है सरकारी नियम
भारी बारिश और जलजमाव की वजह से Adapur समेत बिहार के कई इलाकों में मक्के की फसल बर्बाद हुई है। बिहार सरकार ने इसके लिए ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना’ शुरू की है। इस नियम के मुताबिक, जिन किसानों की फसल 33 प्रतिशत या उससे ज्यादा खराब हुई है, वे मुआवजे के हकदार होंगे। सिंचित क्षेत्रों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और असिंचित क्षेत्रों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि का प्रावधान है।
मुआवजा पाने के लिए क्या करना होगा
प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए dbtagriculture.bihar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा किया जाए ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। कृषि विभाग के समन्वयक पंचायत स्तर पर खेतों की जियो-टैगिंग और वेरिफिकेशन करेंगे। अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की जमीन के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
क्षेत्र में आवागमन और प्रशासन की स्थिति
पहली बारिश के बाद Adapur ब्लॉक के कई हिस्सों में सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर भारी कीचड़ जमा हो गया है, जिससे पैदल चलना भी कठिन हो गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी जताई है। हालांकि, सरकार और कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav ने भरोसा दिलाया है कि आपदा प्रभावित किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें सरकारी खजाने से मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में फसल नुकसान के लिए मुआवजे की राशि क्या है
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सिंचित क्षेत्रों के लिए 17,000 रुपये और असिंचित क्षेत्रों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है।
मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें
किसान आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद विभाग द्वारा जियो-टैगिंग और वेरिफिकेशन किया जाता है।