Bihar में 551 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन, सोनपुर के KPSP हाई स्कूल समेत कई विद्यालयों को मिली नई सुविधाएं

Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को बेगूसराय में एक मुख्य कार्यक्रम के दौरान राज्य के 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (मॉडल स्कूलों) का वर्चुअली उद्घाटन किया। ये स्कूल राज्य सरकार की &

Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को बेगूसराय में एक मुख्य कार्यक्रम के दौरान राज्य के 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (मॉडल स्कूलों) का वर्चुअली उद्घाटन किया। ये स्कूल राज्य सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के ‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’ कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनका मुख्य मकसद कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को आधुनिक और अच्छी शिक्षा देना है।

इन स्कूलों में सोनपुर के KPSP हाई स्कूल का उद्घाटन भी शामिल है। शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने बताया कि इन स्कूलों पर करीब 990 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है। इन स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर तैयार किया गया है, जहां छात्रों को स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी और अनुभवी शिक्षकों की सुविधा मिलेगी।

प्रवेश प्रक्रिया की बात करें तो कक्षा 9 में एडमिशन मेरिट के आधार पर होगा। इसके लिए National Means-cum-Merit Scholarship परीक्षा के स्कोर को देखा जाएगा और न्यूनतम 50% कट-ऑफ रखा गया है। हर स्कूल में करीब 40 छात्रों के नामांकन का लक्ष्य है। एडमिशन के लिए टीसी, जन्म प्रमाण पत्र, निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। फीस सरकारी स्कूलों के बराबर ही रखी गई है।

इन स्कूलों के बुनियादी ढांचे को काफी आधुनिक बनाया गया है। स्कूलों में 14 क्लासरूम, तीन साइंस लैब, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, आर्ट और क्राफ्ट रूम के साथ-साथ बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट और ओपन एयर थिएटर जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम पर एक नई यूनिवर्सिटी, तिरुपति मंदिर और सिमरिया से भागलपुर तक गंगा किनारे मरीन ड्राइव बनाने की घोषणा भी की है।

शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ‘Bihar School Live Classes’ और JEE-NEET के लिए फ्री कोचिंग प्रोग्राम भी शुरू किया है। फिलहाल यह सुविधा पटना के 10 मॉडल स्कूलों में शुरू हुई है, जिसे जल्द ही राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया 29 जुलाई 2026 से पारदर्शी तरीके से शुरू होगी।