Bhojpur में भरत तिवारी एनकाउंटर पर बवाल, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, रिटायर्ड जज करेंगे मामले की जांच

Bhojpur: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। फेसबुक लाइव और तीखी बहस के बाद हुई इस गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में भारी तनाव रहा। इस मामले में अब

Bhojpur: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। फेसबुक लाइव और तीखी बहस के बाद हुई इस गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में भारी तनाव रहा। इस मामले में अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शाहपुर SHO समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

घटना 16 जून की शाम को बिलौंती गांव में शुरू हुई थी, जहां पुलिस ऑपरेशन चलाया गया और 17 जून की सुबह भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी अपनी पिस्टल से फायरिंग कर रहे थे, इसलिए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, शुरुआती बयानों में पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से अस्थिर भी बताया था।

इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पहली FIR में भरत तिवारी पर अवैध हथियार रखने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। दूसरी FIR में उनके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को नामजद किया गया है। वहीं, तीसरी FIR में गांव के मुखिया समेत 14 लोगों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान रास्ता जाम करने का मामला दर्ज हुआ है।

इस एनकाउंटर को लेकर विवाद तब बढ़ गया जब पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे ने इसे ‘फेक एनकाउंटर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरेंडर के बाद गोली चलाना सीधा मर्डर है और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। वहीं, PMCH पटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि शरीर से केवल एक गोली बरामद हुई है, जबकि पुलिस ने कई राउंड फायरिंग की बात कही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने अब इसकी जांच एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज को सौंपने का फैसला किया है। इस घटना पर JDU, BJP और RJD समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।