Bhiwandi में कोहिनूर बिल्डिंग गिरी, 9 लोगों की मौत और कई मलबे में दबे, अवैध रिपेयरिंग बनी वजह
Maharashtra/Thane: भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में गुरुवार रात को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां की चार मंजिला ‘कोहिनूर बिल्डिंग’ ढह गई, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होन
Maharashtra/Thane: भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में गुरुवार रात को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां की चार मंजिला ‘कोहिनूर बिल्डिंग’ ढह गई, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए NDRF और TDRF की टीमें जुटी हुई हैं।
हादसा गुरुवार रात करीब 11:20 बजे हुआ। गवाहों का कहना है कि रात 8 से 9 बजे के बीच बिल्डिंग से दरारें आने की तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं। कुछ लोग खतरा महसूस कर खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, जबकि कई लोग मलबे में फंस गए। इस हादसे में अब तक शमीम शेख, रंजीत सिंह, मिराज रसूल शेख, संतोष कुमार पांडेय और शमीम अंसारी की पहचान हो चुकी है। तीन घायल लोग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही का नतीजा था। Bhiwandi Nizampur City Municipal Corporation (BNCMC) ने इस बिल्डिंग को 7 सितंबर 2020 को ही ‘खतरनाक’ घोषित कर दिया था। इसे C1 कैटेगरी में रखा गया था, जिसका मतलब है कि यह मरम्मत के लायक नहीं थी और यहां रहना जानलेवा था। प्रशासन ने 2022 में रिमाइंडर नोटिस भेजा था और जून 2026 में बिजली-पानी के कनेक्शन भी काट दिए थे। इसके बावजूद, बिल्डिंग के मालिकों ने बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया था।
ठाणे कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि जब प्रशासन ने काम रोकने को कहा, तो ठेकेदार और मजदूरों ने बात नहीं मानी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
भिवंडी मेयर नारायण चौधरी ने एक चिंताजनक बात कही है कि शहर में अभी भी 130 से 140 ऐसी इमारतें हैं जिन्हें ‘सबसे खतरनाक’ माना गया है और उन्हें तुरंत खाली कराने की जरूरत है। प्रशासन के मुताबिक, मानसून से पहले 227 ऐसी बिल्डिंग्स पहचानी गई थीं जो रहने लायक नहीं थीं, लेकिन सस्ते घरों की कमी के कारण लोग वहां रहने को मजबूर हैं।